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फाइल फोटो

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निफाड: ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के कारण निफाड (Niphad) तहसील (Tehsil) की 10,600 हेक्टेयर जमीन पर अंगूर, प्याज, गन्ना, गेहूं और मक्का की फसलें बुरी तरह प्रभावित (Crop Damage) हुई हैं। ओलावृष्टि से तहसील के 22 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के संबंध में क्या निर्णय लेते हैं, इस ओर सभी की नजरें हैं। 

तहसील के कसबे सुकेणे, पिंपरी रौलस, कोठुरे, रसलपूर, निफाड, सोनेवाड़ी, कुंडेवाड़ी, शिवडी, विंचुर, लासलगांव, नांदुर्डी, खेड़े, उगाव, पानेवाड़ी, पिंपलास, गोंडेगांव फाटा, चांदोरी सहित तालुक के लगभग पचास गांव ओलावृष्टि से प्रभावित हुए। यहां मक्का और टमाटर की फसलें नष्ट हो गई हैं। 

अंगूर और प्याज की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पालक मंत्री दादा भुसे, राहत एवं पुनर्वास मंत्री अनिल पाटिल ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। इसके बाद राजस्व एवं कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से पंचनामा किया गया। निफाड तहसील में नुकसान की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। उस रिपोर्ट के अनुसार तहसील की 10,600 हेक्टेयर भूमि पर अंगूर, प्याज, गन्ना, मक्का, टमाटर, गेहूं और चना जैसी प्रमुख फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। 

तहसील में 22 हजार किसान इससे प्रभावित हुए हैं। पंचनामे के चलते अब ओला प्रभावित किसानों का ध्यान विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र की ओर केंद्रित हो गया है। सत्र में ओला प्रभावित किसानों की मदद को लेकर फैसला लिया जाएगा। 

प्रतिक्रिया
निफाड तहसील में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का पंचनामा राजस्व और कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से पूरा कर लिया है। इसके अनुसार निफाड तहसील में 10,600 हेक्टेयर अंगूर, प्याज, गन्ना, गेहूं, टमाटर, चना और अन्य फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। 22 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेज दी गई है।