A nurse who had done 5000 deliveries in Hingoli, Maharashtra, died while giving birth to her own child
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    नाशिक रोड: नाशिक रोड (Nashik Road) स्थित मध्यवर्ती कारागृह (Jail) में फिर से एक कैदी (Prisoner) ने आत्महत्या (Suicide) करने से सनसनी फैली गई है। आत्महत्या करने वाले कैदी का नाम सुलतान तडवी (40) है, जिसने कारागृह परिसर में एक पेड़ में चादर बांधकर फांसी लगा ली। घटना सामने आने के बाद जेल कर्मियों में सनसनी फैली। इस मामले में जेल प्रशासन ने नाशिक रोड पुलिस थाना (Nashik Road Police Station) में शिकायत दर्ज (Complaint Filed) कराई है। 

    नाशिक रोड के मध्यवर्ती कारागृह में कैदी ने आत्महत्या करने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व अनेक प्रकार हुए है। सुलतान तडवी इस कैदी ने आत्महत्या करने से फिर से चर्चा शुरू हुई है। तडवी की आत्महत्या का प्रकार सामने आने के बाद कर्मियों में सनसनी फैली। पुलिस ने भागदौड़ करते हुए उसके जिंदा अथवा मृत होने की जांच की, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे। 

    अप्रैल में भी एक कैदी ने किया था  आत्महत्या करने का प्रयास

    इससे पूर्व, अप्रैल महीने में एक कैदी ने आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उसने सैनिटाइजर का सेवन कर जीवन यात्रा समाप्त करने का प्रयास किया। संचित रजा नामंजूर करने से उसने यह घातक कदम उठाया, लेकिन जेल प्रशासन को इसकी भनक लगने से उसकी जान बची थी। कैदी का नाम अविनाश जाधव था। विशेष यह है कि उसने एक सुसाइट नोट बनाई थी, जिसमें कारागृह के पुलिस कर्मियों के माध्यम से उसे प्रताड़ित करने की बात कहीं थी। इसलिए तडवी की आत्महत्या का असली कारण क्या? है, इसकी चर्चा शुरू हो गई है।

    विगत वर्ष में घटना

    विगत वर्ष में एक कैदी ने मास्क की नाड़ी का उपयोग करते हुए खुद को फांसी लगाई थी। इस कैदी की आत्महत्या कारण सामने नहीं आया। आत्महत्या करने वाले कैदी का नाम अजगर अली मोहम्मद मुमताज मन्सुरी था। अजगर मन्सुरी कारागृह में सजा काट रहा था, लेकिन उसने किसी कारण मास्क की नाड़ी का उपयोग करते हुए फांसी लगाकर आत्महत्या की। इस आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

    पुलिस का बर्ताव जिम्मेदार?

    पुलिस अधिकारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर कैदी ने आत्महत्या करने की घटना इससे पूर्व हो चुकी है। इस मामले में जांच होने के बाद ही सत्य सामने आने की बात कहीं जा रही है। कैदियों की आत्महत्याएं रोकने के लिए पुलिस कर्मियों को अपने बर्ताव में सुधार करना जरूरी है।