Godavari River
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    नाशिक:  कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की तीसरी लहर (Third Wave) नहीं आई तो नाशिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर निर्माण किए गए ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) का खर्च बर्बाद होने  की चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में नाशिक महानगरपालिका कमिश्नर कैलास जाधव ने अस्पतालों के लिए बनाए गए 22 पीएसए प्लांट (PSA Plant) गोदावरी नदी (Godavari River) तट पर स्थलांतरित करने का निर्णय लिया है। गोदावरी नदी में मिलने वाले प्राकृतिक नाले और गंदे पानी की जगह पर यह पीएसए प्लांट बिठाकर ऑक्सीजन की मदद से गोदावरी नदी के पानी का प्रदूषण दूर किया जाएगा। शहर से निकलने वाला गंदा पानी भूमिगत गटर के माध्यम से महानगरपालिका के मलनिस्सारण केंद्र में लाया जाता है। वहां पर प्रक्रिया करने के बाद उसे नदी पात्र में छोड़ा जाता है, परंतु यह मलनिस्सारण केंद्र पुराना होने से उससे निकलने वाले प्रक्रिया युक्त गंदे पानी से नदी प्रदूषित हो रही है। 

    साथ ही शहर के विविध परिसरों से नदी में कई प्राकृतिक नाले मिलते हैं। इन नालों के दुर्गंधयुक्त पानी से नदी प्रदूषित हो रही है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के नए मानक के तहत इन मलनिस्सारण केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिकीकरण करने की जरूरत है। इसके लिए सरकार के पास प्रस्ताव पेश किया गया है, लेकिन अभी तक निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए महानगरपालिका ने रामकुंड और तपोवन में भक्तों को शुद्ध पानी मिले, इसलिए नागपुर स्थित ओजोन रिसर्च एंड एप्लीकेशन प्रा. लि. नामक कंपनी की मदद से दो ओजोनायजेशन प्लांट बनाने की तैयारी शुरू की है। अब शहर से प्रवाहित होने वाली 9 किलोमीटर लंबी नदी का प्रदूषण कम करने के लिए कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयार के किए 22 पीएसए प्लांटों की मदद ली जाएगी।

    ऑक्सीजन स्तर बढ़ाकर पानी शुद्ध किया जाएगा 

     प्राकृतिक नाले व मलनिस्सारण केंद्र की जगह पर यह पीएसए प्लांट स्थलांतरित कर ऑक्सीजन के माध्यम से बीओडी अर्थात पानी का ऑक्सीजन स्तर बढ़ाकर पानी शुद्ध किया जाएगा। पानी में बीओडी (बायोमेडिकल ऑक्सीजन डिमांड) 10 के अंदर आने पर गोदावरी भी प्रदूषण मुक्त हो जाएगी।

    आर्थिक नुकसान से होगा बचाव

    कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी महसूस न हो, इसलिए महानगरपालिका ने सीएसआर तथा खुद के पैसे से 22 पीएसए प्लांट लगाए हैं। साथ ही बिटको, डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल और अंबड कोविड सेंटर में ऑक्सीजन निर्मिति प्लांट शुरु किए गए हैं। कोरोना की तीसरी लहरी आने की संभावना अब कम ही लग रही है। लहर आई तो भी उसका परिणाम कम रहेगा। ऐसा अंदाजा विशेषज्ञ व्यक्त कर रहे हैं। इन ऑक्सीजन प्लांटों पर किया गया खर्च बर्बाद न हो, इसलिए गोदावरी नदी पर यह प्लांट स्थलांतरित किए जाएंगे। इसके चलते महानगरपालिका का आर्थिक नुकसान नहीं होगा। साथ ही कम खर्च में नदी का प्रदूषण भी कम करने में मदद मिलेगी।

    कोरोना की तीसरी लहर नहीं आई तो सभी पीएसए ऑक्सीजन प्लांट गोदावरी नदी तट पर स्थलांतरित कर ऑक्सीजन के माध्यम से बीओडी अर्थात पानी का ऑक्सीजन स्तर बढ़ाकर पानी शुद्ध कर नदी में छोड़ा जाएगा। इसके चलते नाशिक महानगरपालिका का आर्थिक नुकसान नहीं होगा। साथ ही गोदावरी की पवित्रता भी बरकरार रहेगा।

    -कैलास जाधव, कमिश्नर,नाशिक महानगरपालिका