ग्रामीण विकास अधिकारी एसीबी के शिकंजे में, रिश्वत लेना पड़ा महंगा

    धुलिया : ग्राम पंचायत वर्डी (तहसील चोपड़ा) के ग्राम विकास अधिकारी (Village Development Officer) को एक निजी निर्माण ठेकेदार (Contractor) से 11 हजार रुपये (Rs 11 Thousand) की रिश्वत (Bribery) लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।  धुलिया एसीबी की टीम (ACB Team) ने मंगलवार दोपहर ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस संबंध में संबंधित पुलिस स्टेशन (Police Station) में मामला दर्ज कर किया गया है। वर्डी (तहसील चोपड़ा, जिला जलगांव) के एक निजी निर्माण ठेकेदार की शिकायत पर जलगांव में एक सरकारी ठेकेदार द्वारा वर्डी ग्राम पंचायत में 15 वें वित्त आयोग के तहत निधि से गटर का निर्माण कार्य कराया गया था। 31 दिसंबर 2021 की ई-निविदा (E-Tender) प्रक्रिया के माध्यम से काम का ठेका लिया गया। शिकायतकर्ता (Complainant) की ओर से 11 सितंबर 2022 को रुपये के स्टैंप पेपर (Stamp Paper) पर काम का अनुबंध किया गया। 

    शिकायतकर्ता ठेकेदार अनुबंध के अनुसार उप-ठेके का काम पूरा करता है। शिकायतकर्ता ने सरकारी ठेकेदार के नाम पर बिल का भुगतान करने के लिए ग्राम विकास अधिकारी भगवान याहिदे (58) से मुलाकात की, उस वक्त उन्होंने 5 फीसदी की दर से 12,500 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने धुलिया भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय को इस बारे में सूचित किया, क्योंकि वह रिश्वत नहीं देना चाहता था। 

    धुलिया के एसीबी टीम ने चोपड़ा जाकर शिकायत दर्ज की। शिकायत के सत्यापन के दौरान ग्राम विकास अधिकारी भगवान याहिदे ने शिकायतकर्ता से कार्य बिल का भुगतान करने के लिए 12,500 रुपये की मांग की। उसे 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस उपाधीक्षक, रिश्वत रोकथाम विभाग, अनिल बडगुजर के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर मनजीत सिंह चव्हाण, राजन कदम, शरद काटके, संतोष पवार, पोको मोरे और सुधीर मोरे ने कार्रवाई की।