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    चांदवड : तेज धूप (Strong Sunlight) के कारण जमीन पर मौजूद जल भंडार (Water Reserves) में लगातार कमी आ रही है, तहसील के अधिकांश हिस्सों (Most Parts) में नतीजा यह है कि पानी का भंडारण दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है। कुएं (Wells) और बोरवेल (Borewells) सूख रहे हैं और नागरिक को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा हैं। वर्तमान में तहसील में तीन टैंकरों (Tankers) से प्रतिदिन पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है। पीने के पानी के टैंकर शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और प्रशासन को जलापूर्ति (Water Supply) करने में कठिनाइयों (Difficulties) का सामना करना पड़ रहा है। 

    नागरिकों को पानी की कटौती का सामना करना पड़ता है

    गर्म मौसम, बदरीला मौसम और बहुत कम आर्द्रता के साथ मौसम में बदलाव आया है और तापमान में भी तेजी देखी जा रही है। बढ़ते तापमान ने भी भूजल भंडार के वाष्पीकरण का कारण बना है। नतीजतन, जलाशयों में पानी की कमी के कारण नागरिकों को पानी की कटौती का सामना करना पड़ता है। एक तरफ लू की वजह से जगह-जगह पानी की सप्लाई हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पानी नहीं होने से मटके से पानी निकालना भी मुश्किल हो गया है। इस समय गांव में लोग शादियों और गर्मी की छुट्टियों में आते हैं। हालांकि ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत के चलते सैलानियों को घर से बाहर रखा जा रहा है।  नागरिकों को वित्तीय बोझ उठाना पड़ता है, क्योंकि उन्हें शादी के समारोह में पानी के टैंकरों के लिए अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। 

    तहसील में दरेगांव, कणडगांव और कतरवाड़ी में जल स्रोतों की कमी के कारण पानी की गंभीर समस्या है। फिलहाल इन तीनों गांवों में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है, इसमें 3 खेपा से दरेगांव, 2 खेपा से कंडगांव और एक खेपा से कटारवाड़ी, रोजाना कुल 6 खेपा मारे जा रहे हैं। गांव के सार्वजनिक कुओं में टैंकरों से पानी डाला जाता है, उसके बाद गांव वाले रस्सी की बाल्टी से पानी निकालते और अपनों और परिवार की प्यास बुझाते नजर आ रहे हैं। इस दैनिक दिनचर्या के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। 

    गांव का टैंकर शुरू करने का प्रस्ताव

    ग्राम पंचायत को चांदवड तहसील के पारसुल, गंगवे में नरोटे वस्ती, निमोन में सप्तश्रृंगी वस्ती, ढांडाई वस्ती, तरण रोड बस्ती आदि में पेयजल टैंकर शुरू करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इन प्रस्तावों को संज्ञान में लेते हुए समूह विकास अधिकारी महेश पाटिल ने आगे की कार्रवाई के लिए प्रांत अधिकारी चंद्रशेखर देशमुख को दस्तावेज भेजे हैं। जल् ही इस स्थान पर पेयजल टैंकर शुरू होने की उम्मीद है।