Nashik Municipal Corporation

    नाशिक. आखिर तीन सदस्यीय वार्ड संरचना (Three-Member Ward Structure) के अनुसार फरवरी माह में होने वाले नाशिक महानगरपालिका चुनाव (Nashik Municipal Election) कराने का निर्णय बुधवार 22 सितंबर को ले लिया गया  है। एैसे में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस, जिन्होंने दो सदस्यीय तरीके से महानगरपालिका चुनाव कराने की मांग की है, इस फैसले से प्रभावित होने की अधिक संभावना है।

    फरवरी 2017 में नाशिक में नगर निगम के चुनाव हुए थे। उस समय 29 वार्डों में 4 सदस्य थे और 2 वार्डों में 3 सदस्य थे। इस बहु-सदस्यीय प्रभाव प्रणाली से भाजपा को बहुत लाभ हुआ। उन्होंने महानगरपालिका में निर्विवाद सत्ता हासिल की। भाजपा ने एनसीपी की 122 में से 67 सीटें जीती हैं। उसके बाद शिवसेना को 34 सीटें मिलीं और उसने दूसरा स्थान हासिल किया। कांग्रेस को 6 सीटों और एनसीपी को केवल 6 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, जो कभी 39 सीटों के साथ सत्ता में थी, इस बार केवल 5 सीटें ले कर हार गई।

    दो सदस्यीय वार्ड बनाने की मांग

    भाजपा की जीत से विरोधियों में हड़कंप मच गया था। इसलिए शिवसेना और खासकर एनसीपी ने नाशिक में बहु सदस्यीय वार्ड की जगह दो सदस्यीय वार्ड बनाने की मांग की थी। शिवसेना के स्थानीय नेताओं ने भी मुख्यमंत्री से यही मांग की थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महिला नगर अध्यक्ष अनीता भामेरे ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राजस्वमंत्री और पालक मंत्री को दो सदस्यीय वार्ड बनाने के लिए पत्र लिखा था। कांग्रेस ने शुरू में एक वार्ड, एक सदस्य की मांग की थी। इस बात की जानकारी कांग्रेस के नगर अध्यक्ष शरद अहेर ने संपर्क मंत्री बालासाहेब थोराट को दी। लेकिन उन्होंने शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर दो सदस्यीय वार्ड बनाने की भी मांग की। भाजपा ने अंत तक बहुसदस्यीय वार्ड व्यवस्था की मांग की थी।

    वार्ड संरचना के अनुसार महानगरपालिका के चुनाव

    निर्दलीय के महत्व को कम करने और राजनीतिक ब्लैकमेल से बचने के लिए एक बहुदलीय प्रणाली लागू की। नाशिक भाजपा के शहर अध्यक्ष गिरीश पालवे ने कहा था कि राज्य सरकार चाहे कोई भी वार्ड सिस्टम अपना ले, हम लड़ेंगे। इसी पृष्ठभूमि में नाशिक में तीन सदस्यीय वार्ड संरचना के अनुसार महानगरपालिका के चुनाव होंगे। इसे देखकर लगता है कि भाजपा को शिवसेना,राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस का साथ नुकसान पहुंचाने वाले होगा। इस ढांचे में भी भाजपा की उम्मीदों के मुताबिक एक वार्ड में तीन सदस्य होंगे यानी सदस्यों की संख्या ज्यादा होगी। इससे उन्हें लाभ होने की संभावना है। एक बार इस चुनाव में शिवसेना माहौल बनाकर जीतेगी, लेकिन सवाल यह है कि कांग्रेस और मनसे दोनों का क्या होगा। निगम में वर्तमान पक्षपात पूर्ण ताकत भाजपा 67, शिवसेना 34, कांग्रेस 6, एनसीपी 6, मनसे 5, अन्य 3, वर्तमान वार्ड – 29 वार्ड 4 सदस्य, 2 वार्ड 3 सदस्य, ऐसा रहेगा वार्ड का नया ढांचा 40 वार्ड 3 सदस्य, 1 वार्ड 2 सदस्य