Shiv Sena to contest gram panchayat elections with Maha Vikas Aghadi

  • 2017 के नगरपालिका चुनाव हारने वाले शिवसेना उम्मीदवारों की हुई बैठक

नाशिक. शिवसेना (Shiv Sena) ने मनपा पर भगवा फहराने का पूरा मन बना लिया है और चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. पिछले नगरपालिका चुनावों में हारने वाले उम्मीदवारों की एक बैठक आयोजित कर चुनावी तत्परता का संदेश दिया गया है. चुनाव में जीत-हार हमेशा होती है. हार से हतोत्साहित होने के बजाय, आपने जो गलत किया है, उसका आत्मनिरीक्षण करें और आगे होने वाले चुनाव का सामना करें.

शिवसेना के प्रमुख सुधाकर बडगुजर (Sudhakar badgujar) ने कहा कि समय-समय पर सफलता प्राप्त करने के लिए हर संकट का सामना करना सीखें. शालीमार में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में 2017 के नगरपालिका चुनाव  (Municipal election) हारने वाले शिवसेना उम्मीदवारों की बैठक बुलाई गई थी. जिला प्रमुख विजय करंजकर, मनपा नेता प्रतिपक्ष अजय बोरस्ते, समूह नेता विलास शिंदे, पूर्व महापौर एड. यतिन वाघ, पूर्व महापौर देवानंद बिरारी, योगेश बेलदार, संजय चव्हाण व अन्य ने इस बैठक में पिछली बार की गई गलतियों की समीक्षा की. पिछले चुनाव में की गई गलतियों से बचा जाना चाहिए, ऐसा भरोसा हारने वालों ने दिलाया. पहले विधायक चुनाव में जिले के एक विधायक को बहुत कम वोट मिले थे.

हालांकि, बाद में बडगुजर ने दर्शकों को याद दिलाया कि उन्होंने लगातार पांच चुनाव जीते थे. यदि 2022 के चुनावों में शिवसेना एक हाथ से सत्ता हासिल करना चाहती है, तो हारे हुए उम्मीदवारों को नए जोश के साथ मतदाताओं का सामना करना चाहिए और यह साबित करना चाहिए कि वे कैसे नगरसेवक पद के लिए योग्य हैं. बडगुजर ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि इस चुनाव में शिवसेना की असली लड़ाई भाजपा के साथ है, इसलिए अभी से काम शुरू कर दें. 

इस बैठक में कैलास चंबल, शोभा फड़ोल, तानाजी फड़ोल, मनीषा हेकरे, प्रवीण हेकरे, उत्तम डोंडे, कविता म्हस्के, सचिन बनकर, शरद काले, संदीप ढाले, कुणाल भोसले, संदीप अहेर, हर्षद पटेल, सुनील खोडे, शीतल भामरे, अमित भामरे, बिरारी, तनुजा घोलप, सतीश खैरनार, सुमन सोनवणे, चंद्रकांत बोंबले आदि उपस्थित थे. 

 6 महीने पहले उम्मीदवारों की घोषणा की मांग

हारे हुए उम्मीदवारों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिवसेना के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए उचित योजना होनी चाहिए. बैठक में चार वार्डों को हुई क्षति का मुद्दा भी उठाया गया, जिसमें वार्ड में अन्य उम्मीदवारों को मैदान में उतारते समय सभी पर भरोसा किया जाना चाहिए, वफादारों पर विचार किया जाना चाहिए, पार्टी के नेताओं को उम्मीदवारों के पीछे मजबूती से खड़ा होना चाहिए, 6 महीने पहले उम्मीदवारों की घोषणा करनी चाहिए ताकि चुनावों का कुशलतापूर्वक सामना करना आसान हो. देवानंद बिरारी ने लोगों का परिचय कराया और धन्यवाद किया. वहीं  विपक्ष के नेता अजय बोरस्ते ने कहा कि हम सरकार से दो उम्मीदवारों के लिए एक वार्ड बनाने की मांग करेंगे.