Solve pending proposals in 15 days, Agriculture Minister Bhuse gave instructions to the officers

    मालेगांव. राज्य के कृषि मंत्री दादा भुसे (Minister Dada Bhuse) ने शक्ति प्रदत्त समिति की रिपोर्ट के बाद जिले में गौठान और गायरान सहित सरकारी जमीनों (Government Lands) पर अतिक्रमण (Encroachment) को नियमित करने के लिए सभी लंबित प्रस्तावों को अगले 15 दिनों में निस्तारित करने का निर्देश दिया। भुसे ने कहा कि निर्देश देते समय गरीबों को न्याय देने की इच्छाशक्ति महत्वपूर्ण है। उन्होंने शासकीय विश्राम गृह मालेगांव (Malegaon) में आयोजित बैठक में सभी के लिए आवास योजना के तहत शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को नियमित करने के संबंध में उक्त बातें कही। 

    मंत्री भूसे ने आवासीय उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को नियमित करने की बात बताते हुए कहा कि अधिकार प्राप्त समिति के निर्णय के अनुसार मामलों को नियमित करने की संख्या अपेक्षाकृत कम है, यदि लंबित मामलों का शीघ्रता से समाधान किया जाता है तो सभी के लिए आवास नीति का प्रभावी कार्यान्वयन पात्र लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत होगी।

    पिछड़े वर्गों पर न लगाएं कोई शुल्क

    मंत्री भूसे ने बताया कि इस कार्य से सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होगा और स्थानीय ग्राम पंचायतें भी आय का एक अच्छा स्रोत होंगी। मंत्री भुसे ने कहा कि सूची के अनुसार जिला कलेक्टर को प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार दलित भाइयों को रमाई आवास योजना के माध्यम से राहत प्रदान करना एक बड़ा कार्य होगा, इसलिए इसे प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पिछड़े वर्गों पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए। निगम को शहरी क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक अलग सेल स्थापित करने और एक अधिकारी को जिम्मेदारियां सौंपने का भी निर्देश दिया गया था, राज्य प्रायोजित ग्रामीण आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थी आवास के लिए पात्र हैं लेकिन जगह की कमी के कारण आवास के लाभों से वंचित हैं।

    बैठक में मौजूद रहे अधिकारी, कर्मचारी

    भुसे ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय घरकुल भूमि क्रय वित्तीय सहायता योजना उन हितग्राहियों के लिए है जो स्थान की कमी के कारण आवास के लाभ से वंचित हैं। बैठक में उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र परदेशी, महानगरपालिका के उपायुक्त डॉ. बी.जी. बिडकर, तहसीलदार चंद्रजीत राजपूत, समूह विकास अधिकारी जितेंद्र देवरे, उप अधीक्षक भूमि अभिलेख राहुल पाटिल, एसवी बच्छाव, महेंद्र पगारे, कल्पेश शेवाले, राकेश वाघ, जीबी राजबशी, विश्वेश्वर देवरे, केआर बच्छाव, सचिन मालवाले, सीआर राजपूत, प्रमोद मोरे आदि उपस्थित रहे।