Maharashtra Palghar Police arrested self proclaimed godman, used to allegedly loot in the name of 'removing evil spirit'
प्रतीकात्मक तस्वीर

    नाशिक. नाशिक (Nashik) में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहां रात डेढ़ बजे एक कामगार (Workers) ने काम पर आने से मना कर दिया तो उसके इंकार करने पर उसका  गला दबा कर हत्या (Killed) कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी जाकिर पीरसाहेब कोकनी (57) अशोक कुमार रामनिवास रॉय (40) और राम नारायण सिंह (53) को गिरफ्तार किया है।

    मिली जानकारी के मुताबिक  24 जुलाई को अन्ना भाऊ साठे नगर के पास वडाला इलाके में एक जीर्ण-शीर्ण कुँऐ में एक सड़ी-गली लाश मिली थी। पुलिस ने शव की शिनाख्त का प्रयास किया लेकिन वे सफल नहीं हुए।  पुलिस को शक था कि यह रस्सी से गला घोंटकर हत्या का मामला है।  पुलिस ने तुरंत जांच शुरु कर दी। तब पता चला कि शव दिनेश गहरू पाल (30) का है।  पाल जानवरों के गोठे में काम करता था। वह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र का रहने वाला बताया जा रहा है। इससे पुलिस ने वडाला क्षेत्र के सभी गौशालाओं में संदिग्धों से काफी पूछताछ की। पता चला कि मौत से पहले वह वडाला रोड पर एक तबेले में काम कर रहा था। वडाला रोड स्थित तबेले में पुलिस ने मजदूरों से पूछताछ की तो वहां मौजूद एक व्यक्ती के जवाब देने से घबराने लगा। 

    पुलिस हिरासत में भेज दिया है

    पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या के तार इसी तबेले से जुड़े हैं।  पुलिस ने दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया है।  जांच में पता चला कि अशोक कुमार रॉय, नारायण सिंह और जाकिर पीरसाब कोकनी ने हत्या की थी। तबेले का मालिक जाकिर पीरसाब कोकनी काम पर आने के लिए आधी रात डेढ़ बजे पाल को लेने गया था। उस समय सो रहे पाल ने काम पर आने से मना कर दिया। इस इंकार से जाकिर पीरसाब कोंकनी नाराज हो गया।  गुस्से में आकर, उसने और अशोक कुमार रॉय और नारायण सिंह ने पाल का गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी। 

    तबेले में काम करने वाले रॉय और सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उन्हें 26 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।  इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड जाकिर पीरसाहेब कोंकनी को भी पुलिस ने हथकड़ी लगा दी है।  पुलिस निरीक्षक देवीदास वांजले, सहायक पुलिस निरीक्षक निखिल बोंडे, प्रभाकर पवार, महेश जाधव, सागर परदेशी, मुश्रीफ शेख, जावेद खान, दत्तात्रेय गवारे, सौरभ माली और संजय चव्हाण की टीम ने यह कार्रवाई की।