त्र्यंबकेश्वर, सप्तशृंगी लग रही भक्तों की भीड़

  • धार्मिक पर्यटन ने पकड़ा जोर

नाशिक. रविवार की छुट्टी और अगले महीने स्कूल शुरू करने के सरकार के संकेत के कारण त्र्यंबकेश्वर(Trimbakeshwar), सप्तशृंगी  (Saptashrungi) किले में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। मौसम सर्द होने के चलते वातावरण यात्रा के लिए अनुकूल हो गया है।  

त्र्यंबकेश्वर में ट्रैफिक जाम

पुलिस और नगरपालिका दोनों, शहर में आने वाले वाहनों की उपेक्षा कर रहे हैं। भक्तों के वाहन सीधे शहर में पार्क किए जा रहे हैं, जहां पार्किंग स्थल पर पार्क ना करते हुए किसी भी जगह पर वाहन पार्क की जा रही है।  इससे अक्सर ट्रैफिक जाम हो जाता है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर (Trimbakeshwar Temple) के सामने भक्त अपने वाहनों को पार्क करते हैं, जिससे भक्तों के लिए उन वाहनों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। 

मंदिर प्रांगण में दिखी अव्यवस्था

देवस्थान ट्रस्ट ने 200 रुपए का दान अभियान शुरू किया है। हालांकि, इसे कुछ समय के लिए बंद रखा जाता है। इससे उत्तर द्वार के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। भक्त 200 रुपए की रसीद लेते हैं, लेकिन उन्हें तुरंत जारी नहीं किया जाता है। दान दर्शन के लिए रसीद कार्यालय की जगह भी गलत है। रविवार के दिन मंदिर के गेटों के सामने अव्यवस्था रही।

ब्रह्मगिरि, गंगाद्वार, नीलपर्वत आदि पर जाने वाले भक्त बढ़ गए हैं। ब्रह्मगिरि पर्वत पर जाने वाले भक्त अपने साथ प्लास्टिक की थैलियां, पानी की बोतलें आदि ले जाते हैं। शहर में प्लास्टिक प्रतिबंध बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसे लागू नहीं किया जाता है।  भक्त ब्रह्मगिरी, गंगाद्वार और अन्य क्षेत्रों में प्लास्टिक फेंकते हैं। सुरक्षा व नियमों का पालन नहीं होता। सामाजिक संगठन हरित ब्रह्मगिरी के कार्यकर्ता इन प्लास्टिकों को इकट्ठा करते हैं, लेकिन वन विभाग इस ओर ध्यान नहीं देता है। त्र्यंबकेश्वर में अभी तक कोई स्वतंत्र वन रेंजर नहीं मिला है।