Sharad Pawar

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पुणे: महाराष्ट्र के कर्जत में अजित पवार गुट  (Ajit Pawar Faction) का वैचारिक मंथन शिविर हुआ था। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार पर निशाना साधा था। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार (Sharad Pawar) ने कहा कि कुछ लोगों ने आलोचना की लेकिन, ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है।” एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, “हमें पार्टी छोड़ने वालों के बारे में चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है। इसके बारे में चिंता करने के बजाय, हमें नागरिकों के मुद्दों को उठाना चाहिए और उन्हें हल करना चाहिए।”

युवा नेताओं को कर सकते हैं मजबूत 

उन्होंने कहा कि अगर हम अपने युवा नेताओं को मजबूत कर सकते हैं, तो आने वाले चुनाव में आपको बड़ी सफलता मिलेगी। इसलिए, हमें काम करना शुरू कर देना चाहिए और अपनी विचारधारा के साथ लोगों तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए… इसलिए मुझे यकीन है कि अगर हम ऐसा कर सकते हैं, हम युवा नेताओं को उभरते हुए देखेंगे।

ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है आलोचना का इस्तेमाल

शरद पवार ने पुणे के कार्यालय में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा “कुछ लोगों ने सवाल उठाए, आलोचना की और टिप्पणी की। जो लोग चले गए उन्होंने पार्टी का नेतृत्व करने की कोशिश की। लेकिन, ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। आलोचना का इस्तेमाल ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है। 

जब तक महाराष्ट्र में जागरूक जनता है… 

उन्होंने कहा की सत्ता आती है, जाती है। लेकिन लोग सोचते हैं कि आप कहां से चुने गए और आपका पार्टी चिन्ह क्या है। शरद पवार ने कहा कि जब तक महाराष्ट्र में जागरूक जनता है तब तक समाज में परिवर्तन का खतरा है। हमें परिवर्तन के कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ना होगा।

क्या बोले थे अजित पवार 

रायगढ़ जिले के कर्जत में पार्टी की विचार मंथन बैठक में अजित पवार ने इस इस्तीफा प्रकरण को ‘नौटंकी’ करार दिया था। उन्होंने कहा था, “जितेंद्र आव्हाड और आनंद परांजपे (राकांपा नेताओं) को (शरद पवार द्वारा) बुलाया गया और उनका (शरद का) इस्तीफा वापस लेने की मांग करते हुए प्रदर्शन आयोजित करने को कहा गया था। अजित पवार ने कहा, “परांजपे बाद में मेरे पास आए और मैंने उनसे पूछा कि आप यह नौटंकी क्यों कर रहे हैं। मेरा यह विचार था कि इसकी जरूरत नहीं थी। मैंने उनका (शरद पवार का) इस्तीफा नहीं मांगा था।”