Black-Fungus

    मुंबई: देश और राज्य भर में कोविड -19 रोगियों में काले कवक या म्यूकोर्मिकोसिस (Black fungus or Mucormycosis) के बढ़ते मामलों के बीच, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Maharashtra Health Minister Rajesh Tope) ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने काले कवक को एक अधिसूचित बीमारी (Notifiable Disease) के रूप में एनलिस्ट किया है। टोपे ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “राज्य में काले कवक के 2,245 मामले हैं। राज्य सरकार ने काले कवक को अधिसूचित बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया है।”

    महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस अभी तक कुल 120 लोगों की जान ले चुका है। राज्य में इससे सर्वाधिक मौतें पुणे में हुई हैं। जहां 27 लोग इस भयंकर बीमारी की वजह अपने गंवा चुके हैं। वहीं, नांदेड़ में 22 और मुंबई में 5 लोगों की मौत हुई है। इस खतरनाक ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए उद्धव ठाकरे सरकार ने राज्य में इस बीमारी को महामारी घोषित कर दिया है।

    मंत्री राजेश टोपे ने कहा, “राज्य में म्यूकोमाइकोसिस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है और राज्य सरकार ने इस बीमारी के इलाज के लिए आवश्यक एम्फोटरेसिन-बी इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए एक वैश्विक निविदा जारी की है। इसके जरिए जून के पहले सप्ताह में इस इंजेक्शन की करीब 60,000 शीशियां अंतरराष्ट्रीय स्तर से सीधे महाराष्ट्र पहुंचेंगी।”

    मंत्री ने कहा कि राज्य में ब्लैक फंगस के 2,245 मरीज हैं और उनमें से 1007 तो पहले से ही महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना (एमजेपीजेएवाई) के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एमजेपीजेवाई के तहत म्यूकरमाइकोसिस के मरीजों का उपचार का पूरा खर्च माफ होगा। इसमें दवा की कीमत भी शामिल है। राज्य सरकार म्यूकरमाइकोसिस के उन मरीजों के उपचार के शुल्क की सीमा भी तय करने का प्रयास कर रही है, जो निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।”  

    टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकर ने ऐसे उपचार के संबंध में सरकारी प्रस्ताव जारी किया है और वित्त विभाग ने उसके लिए 30 करोड़ रूपये आवंटित किए हैं। महाराष्ट्र एवं कुछ अन्य राज्यों में कोविड-19 के मरीजों में गंभीर कवकीय संक्रमण म्यूकरमाइकोसिस के कई मामले सामने आए हैं।

    टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र में फिलहाल कोविड-19 के 3,27,000 लाख मरीजों का उपचार चल रहा है और ऐसे मरीजों के स्वस्थ होने की दर सुधरकर 93 फीसद हो गई है। उनका कहना था कि राज्य में फिलहाल कोविड-19 की संक्रमण दर करीब 12 फीसद है और मृत्यु दर 1.15 फीसद है। उन्होंने कहा कि 18 जिलों में संक्रमण दर राज्य की औसत संक्रमण दर से अधिक है।  

    मंत्री ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने इन 18 जिलों में घरों में पृथक-वास बंद करने का फैसला किया है। जिलाधिकारियों से और कोविड देखभाल केंद्र (सीसीसी) स्थापित करने एवं उपचाररत मरीजों को उनमें भर्ती करने को कहा गया है।”