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नवभारत न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई: महाराष्ट्र विधान मंडल का शीतकालीन सत्र गुरुवार, 7 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इससे पहले बुधवार को नागपुर में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई। जिसमें महायुति सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की गई। इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए नेता विपक्ष विजय वडेट्टीवार ने कहा कि इस सेशन के दौरान हम राज्य सरकार के घोटालों को उजागर करेंगे। उन्होंने कहा कि ठाणे और नासिक के स्कूलों के लिए प्राप्त फर्नीचर अमरावती और नागपुर के स्कूलों की तुलना में कम से कम डेढ़ गुना महंगा है। यह करीब 125 करोड़ रुपए का घोटाला है। इसके अलावा विपक्ष ने कॉन्ट्रैक्ट भर्ती समेत बीएमसी से जुड़े कई कथित घोटालों को लेकर भी सरकार को घेरने का प्लान बनाया है।  
 
चाय पार्टी का बहिष्कार
विपक्ष ने सेशन शुरू होने से पहले बुधवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा आयोजित चाय पार्टी का बहिष्कार किया।
वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार के चाय समारोह में शामिल होना पीड़ित किसानों के साथ विश्वासघात होगा। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान हम किसानों के लिए संपूर्ण कर्जमाफी की मांग करेंगे। राज्य में सूखा, पानी की कमी और बेमौसम बारिश से किसान गहरे संकट में हैं। किसानों की आंखों में आंसू हैं। जब किसानों की यही दुर्दशा थी तो सरकार को चाय पीने के कार्यक्रम को आयोजित करने से बचना चाहिए था। 

 
कई प्रमुख नेता रहे मौजूद
शीतकालीन सत्र पृष्ठभूमि में नागपुर के रवि भवन में महाविकास आघाड़ी की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें वडेट्टीवार के अलावा  विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण, कांग्रेस विधायक दल के नेता विधायक बालासाहेब थोरात, राकां (शरद पवार गुट ) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, पूर्व मंत्री अनिल देशमुख, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के मुख्य प्रतोद सुनील प्रभु, शेकाप के जयंत पाटिल समेत कई नेता उपस्थित थे। 

विपक्ष के प्रमुख मुद्दे

  • किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग
  • मराठा आरक्षण पर सरकार से सवाल    
  • फर्नीचर, कॉन्ट्रैक्ट भर्ती समेत कई घोटालों का मुद्दा
  • एनसीआरबी की रिपोर्ट के हवाले से राज्य की कानून – व्यवस्था का मुद्दा, महिलाओं की सुरक्षा  
  • सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की उपेक्षा