Dilip Walse Patil and Param Bir Singh

    मुंबई. मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह (Param Bir Singh) के देश छोड़कर रूस भागने की खबरें सामने आई है। वहीं जांच एजेंसियां उनकी लगातार तलाश कर रही है। इसी बीच महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल (Home Minister Dilip Walse Patil) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को परमबीर सिंह के देश छोड़कर भागने का शक है।

    महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने गुरुवार को कहा कि, जांच एजेंसियों को मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जो कथित धन शोधन मामले में आरोपी हैं।

    गृहमंत्री ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ-साथ हम उनका (परमबीर सिंह) ठिकाना भी तलाश रहे हैं। मैंने कुछ ऐसा सुना है लेकिन एक सरकारी अधिकारी के तौर पर वह बिना सरकारी मंजूरी के विदेश नहीं जा सकते। अगर वह चले गए, तो यह अच्छा नहीं है।”

    पाटिल ने आगे कहा कि, “सरकार ने कई नोटिसों के बावजूद जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं होने के लिए परमबीर सिंह के लिए एक लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया है।”

    ज्ञात हो कि परमबीर सिंह 100 करोड़ के वसूली के मामले में आरोपी हैं। एंटीलिया और मनसुख हिरेन हत्या के मामले की जांच कर रही NIA सिंह को कई बार पूछताछ के लिए समन भेजा, लेकिन वह जांच एजेंसियों के सामने पेश नहीं हुए। जिसके चलते NIA और महाराष्ट्र राज्य की जांच एजेंसियों को शक हुआ कि गिरफ्तारी के डर से परमबीर सिंह देश छोड़कर भाग गए होंगे। NIA को अपनी जांच पूरी करनी है जिसके लिए परमबीर सिंह से पूछताछ करना चाहती है लेकिन अब परमबीर का पता नहीं चल पा रहा है।

    सिंह के खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को हर महीने 100 करोड़ रूपये वसूलने का टारगेट दिया था। इसके लिए देशमुख ने वाजे को मुंबई स्थित बार और रेस्तरां मालिकों की सूचि भी दी थी जिससे वसूली की जा सके। परमबीर ने यह भी आरोप लगाया था कि देशमुख वाजे के अलावा कई अन्य पुलिस अधिकारियों इसी तरह पैसा वसूलने का टारगेट दिया था। जिसके बाद अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

    इस साल फरवरी में आरोप लगने के बाद मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त का होमगार्ड डिपार्टमेंट में ट्रांसफर कर दिया गया था। जिसके बाद वह कथित तौर पर मई तक कार्यालय उपस्थित रहे। इसके बाद सिंह ने स्वास्थ्य के आधार पर छुट्टी मांगी और कथित तौर पर अपने होमटाउन चंडीगढ़ की यात्रा की। खबरों के मुताबिक सिंह के मोबाइल फोन भी बंद हैं। राज्य सरकार उन्हें बर्खास्त करने पर विचार कर रही है।