anil deshmukh
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    मुंबई. एक बड़ी खबर के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) और उनके बेटे हृषिकेश देशमुख (Hrishikesh Deshmukh) को तलब किया था। लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार  देशमुख और उनके बेटे से कोई भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।  

    प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि, हम उनसे (अनिल देशमुख) नहीं जुड़ पा रहे हैं। हमें नहीं पता कि वे कहां है। इसके साथ ही उनका सही स्थान भी हमें ज्ञात नहीं है। अब हम आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आज के आदेश के बाद वह जांच में जरुर सहयोग करेंगे।”

    गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके बेटे हृषिकेश को कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बीते सोमवार को अपने मुंबई कार्यालय में तलब किया था। दरअसल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता के 72 वर्षीय नेता और उनके बेटे हृषिकेश को धन शोधन रोकथाम कानून (PMLA) के प्रावधानों के तहत बीते 2 अगस्त को मामले की जांच के लिए ED के समक्ष पेश होने को कहा था।

    इधर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख बीते सोमवार को एक बार फिर से प्रवर्तन निदेशालय के सामन पेश नहीं हुए। हालाँकि अब ऐसा चौथी बार हो रहा है जब समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किए जाने के बाद भी देशमुख पेश नहीं हुए हैं। बीते सोमवार को देशमुख की जगह उनके वकील इंद्रपाल सिंह ही ED ऑफिस पहुंचे थे। दरअसल देशमुख के साथ उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख को भी सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए तलब किया गया था, लेकिन वे  भी ED के ऑफिस नहीं पहुंचे थे।

    इस बाबत देशमुख ने अपने वकील के जरिए एक पत्र भेजकर बताया था कि उनकी याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। पत्र में देशमुख ने लिखा है कि 30 जुलाई को जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने 3 अगस्त को तारीख दी ईडी ने सोमवार को समन जारी कर दिया था। इसके साथ ही देशमुख ने जांच एजेंसी पर अपने अधिकारों का गलत प्रयोग करने का आरोप लगाया था।

    उन्होंने कहा है कि, “अभी तक मुझे ईसीआईआर की कॉपी या ईडी की ओर से कोई भी डॉक्यूमेंट नहीं दिए गए। जिससे स्पष्ट होता है कि यह समन केवल मीडिया में सनसनी फैलाने के लिए भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के 1 दिन पहले ईडी ने जो समन भेजा है, उससे मेरा डर औऱ पुख्ता हो गया है कि ईडी की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही है।”

    बता दें कि ये समन महाराष्ट्र पुलिस को संबंधित 100 करोड़ रुपये के कथित घूस-सह-वसूली मामले के संबंध में पीएमएलए के तहत दर्ज मामले के सिलसिले में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को जारी किए गए थे। इसी मामले के चलते देशमुख को इस साल अप्रैल में अपने पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। इसके पहले देशमुख के खिलाफ पहले CBI ने मामला दर्ज किया था और फिर उसमें मनी लॉन्ड्रिंग की जानकारी मिलने के बाद ED ने भी एंट्री मारी थी। वहीं ED ने देशमुख के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इसके पहले CBI उनके दो ठिकानों पर दो बार छापोमारी भी कर चुकी है।