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    पुणे. पिछले डेढ़ साल में कोरोना महामारी (Corona pandemic) ने कई लोगों के करीबियों को अपना शिकार बना लिया।  पुणे जिले (Pune District) में 1920 बच्चों ने माता-पिता (Parents) में से एक या दोनों को खो दिया है। यह जानकारी पुणे जिला कोविड टास्क फोर्स (Pune District Covid Task Force) के नए आंकड़े सामने आए हैं। कोरोना काल में पिता को खोने वाले बच्चों की संख्या 1621 है। इसमें से 237 बच्चों ने अपनी मां को खो दिया, जबकि 62 बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है।

    उम्र वर्ग के हिसाब से देखा जाए तो 11 से 14 वर्ष के 566 बच्चों के एक या दोनों अभिभावक की मौत हो गई है। 6 से 10 वर्ष के 518 बच्चे अनाथ हो गए हैं। 15 से 18 वर्ष के 493 बच्चे ने माता-पिता को खो दिया है। वहीं 6 साल से छोटे 335 बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। 19 से 23 साल के नौ युवा कोरोना काल में माता-पिता में से एक को खोया। 

    आंकड़ों में किया गया सुधार

    महिला और बाल कल्याण विभाग की शुरुआती आंकड़ो के अनुसार, जिले में 2218 बच्चों ने माता-पिता में से किसी एक को या दोनों को खो दिया। इससे पहले कुछ नाम दो बार दर्ज हो गए थे इसलिए यह आंकड़ा ज्यादा था और साथ ही जानकारी भी अपर्याप्त थी। अब इसमें सुधार किया गया है। नए आंकड़ों के मुताबिक, पुणे शहर में 737, पिंपरी-चिंचवड में 365 और जिले के ग्रामीण इलाके में 748 बच्चों ने कोरोना काल में अपने माता-पिता में से किसी एक को या दोनों को खो दिया है। बाकी के बच्चे जिले के नगरपरिषद इलाके के हैं।