सोमैया भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद ‘मैनेज’ होनेवाले नेता, पूर्व विधायक विलास लांडे का आरोप

    पिंपरी : भाजपा (BJP) को सत्ता से दूर रखें जाने का बदला लेने के लिए किरीट सोमैया (Kirit Somaiya) उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अन्य नेताओं के खिलाफ नाहक आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने जिन नेताओं पर आरोप लगाए, उनके भाजपा में शामिल होने के बाद उन आरोपों और जांच का क्या हुआ? क्या भाजपा (BJP) में शामिल होने के बाद वे सभी पावन हो गए? यह सवाल उठाते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विलास लांडे (Former MLA Vilas Lande) ने दावा किया है कि सोमैया की आड़ में बदले की। राजनीति कर रहे भाजपा नेताओं को राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि सोमैया भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद ‘मैनेज’ होने वाले नेता हैं।

    एक बयान में पूर्व विधायक लांडे ने कहा कि किरीट सोमैया भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को खुश करने के लिए महाविकास अघाड़ी के नेताओं पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और वह पहले भी कई नेताओं पर इस तरह के आरोप लगा चुके हैं। 2017 में जब केंद्रीय मंत्री नारायण राणे कांग्रेस में थे, तो उन पर 300 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था। पूर्व मंत्री बबनराव पचपुते पर पोंजी स्कीम के जरिए 10 लाख लोगों को ठगने का आरोप लगा है। 

    कृपाशंकर सिंह पर भी घोटाले का आरोप लगाया

    उन्होंने पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह पर भी घोटाले का आरोप लगाया।  उन्होंने पूर्व मंत्री विजयकुमार गावित पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 6,000 करोड़ रुपए के गबन का भी आरोप लगाया। उसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि इन सभी के भाजपा में शामिल होते ही सोमैया ने आरोप वापस ले लिए। क्या भाजपा में शामिल होने के बाद ये भ्रष्ट मंत्री पवित्र हो गए? उन पर लगे आरोपों का क्या हुआ? सोमैया को पहले इसका जवाब देना चाहिए। उनका आरोप ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसा है और राज्य की जनता इसके लिए कभी भीख नहीं देगी। पूर्व विधायक लांडे ने चेतावनी दी है कि आरोपों के बाद ‘मैनेज’ होने वाले सोमैया को अजीत पवार के बारे में बात करते हुए दस बार सोचना चाहिए।

    वरिष्ठ नेताओं को खुश करने के लिए पार्टी की चापलूसी कर रहे

    पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने कल एक कार्यक्रम में कहा था कि भाजपा में शामिल होने के बाद से चैन की नींद आती है। किसी भी तरह की पूछताछ या जांच की चिंता नहीं रहती। यानी सवाल यह उठता है कि क्या सोमैया जैसे समूह अलग-अलग पार्टियों के नेताओं को भाजपा में शामिल होने के लिए डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। क्या सोमैया, जो अजंतानगर इलाके में एक सस्ते भोजन की दुकान पर आए और घटिया अनाज के बारे में आवाज उठाई, ने उस प्रश्न को हल किया? उस प्रश्न के आगे क्या हुआ?  कितने लोगों पर मुकदमा चलाया गया? ऐसे कई सवाल अनुत्तरित हैं। केवल असंतुष्ट सोमैया, जो सत्ता से बाहर हैं, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को खुश करने के लिए पार्टी की चापलूसी कर रहे हैं। 

     भाजपा ने लोगों को गुमराह किया

    पूर्व विधायक लांडे ने कहा है कि सुशासन के प्रभारी और कर्तव्यनिष्ठ अजीत दादा जैसे नेता और उनके रिश्तेदारों पर सोमैया का कीचड़ उछालना उचित नहीं है। भाजपा के भ्रष्ट पदाधिकारियों ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका को नर्क बना दिया है। शहर की जनता आने वाले महानगरपालिका चुनाव में जनता अपना पैसा लुटने वाले भाजपा को नहीं बख्शेगी। तभी पता चलेगा कि असली भ्रष्ट कौन है।  सत्ताधारी भाजपा ने भ्रामक और झूठी कहानियां सुनाकर लोगों को गुमराह किया। पूर्व विधायक लांडे ने भरोसा जताया है कि महानगरपालिका चुनाव में भाजपा को सबक सिखाए बिना जनता शांत नहीं बैठेगी।