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    पुणे.बकाया वसूली के लिए पुणे महानगरपालिका प्रशासन (Pune Municipal Administration) द्वारा लगातार अभय योजना (Abhay Yojana) का सहारा लिया जा रहा है। लाखों रुपए बकाया होने तक प्रशासन क्या नींद में था? क्या चुनिंदा विशिष्ट बकायेदारों के लिए यह योजना लाई गई? ऐसे सवाल उठाते हुए कमर्शियल प्रॉपर्टीज (Commercial Property) के बकाए पर सहूलियत देने का प्रस्ताव रद्द (Proposal Canceled) करने की मांग विपक्षी दलों के नगरसेवकों ने सर्वसाधारण सभा में की।

    महानगरपालिका के प्रॉपर्टी टैक्स विभाग (Property Tax Department) द्वारा 50 लाख रुपए से अधिक का बकाया होने वाली कॉमर्शियल 500 प्रॉपर्टीज को जुर्माने में 50 प्रतिशत सहूलियत देने और उसके लिए लोक अदालत लेने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रस्ताव को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी देने के बाद उसे साधारण सभा के समक्ष पेश किया गया।

    विपक्षी नगरसेवकों ने कड़ी आपत्ति जताई

    इस पर शिवसेना के गुटनेता पृथ्वीराज सुतार के साथ विपक्षी नगरसेवकों ने कड़ी आपत्ति जताई। सुतार ने कहा कि आय वृद्धि के लिए ऐसे नियम के अनुसार लगाया गया जुर्माना माफ करने पर जुर्माना लगाने का कोई मतलब नहीं रहेगा। चुनिंदा लोगों को माफी देकर किसका हित देखा जा रहा है? अगर जुर्माने में माफी देनी है, तो सभी बकाएदारों के लिए इस योजना पर अमल किया जाए।

     ऐसी अभय योजनाएं लाना गलत : आबा बागुल 

    प्रॉपर्टी टैक्स की रकम बजट में जमा पक्ष में रखी गई है। सर्वसाधारण सभा में बजट को मंजूरी दी जाती है। इसलिए केवल स्थायी समिति के प्रस्ताव पर जुर्माना माफ करना उचित नहीं होगा। नगरसेवक दिलीप बराटे ने कहा कि टैक्स चोरी करने वालों को माफी देकर हम ईमानदारी से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले प्रॉपर्टीधारकों का अपमान कर रहे है। सुभाष जगताप ने याद दिलाया कि राज्य सरकार ने हाल ही में महानगरपालिका को सीधे टैक्स माफी देने का अधिकार नहीं, यह पत्र दिया है। प्रशासन को किसी के भी दबाव में ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहिए। कांग्रेस गुटनेता आबा बागुल ने कहा कि आय वृद्धि के लिए ऐसी अभय योजनाएं लाना गलत है। आय बढ़ने पर शहर का विकास होगा  हर बात के लिए अभय योजना लाने पर नागरिकों द्वारा महानगरपालिका का टैक्स जमा नहीं किया जाएगा। वे अभय योजना की राह देखते बैठेंगे।

    अन्य विकल्पों पर विचार करना जरूरी : दीपाली धुमाल

    महानगरपालिका विपक्षी नेता दीपाली धुमाल ने कहा कि बकाएदारों के फायदे के लिए अभय योजना लाना ईमानदारी से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले प्रॉपर्टीधारकों का अपमान है। आय में वृद्धि हो यह हमारी भी इच्छा है। इसके लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना जरूरी है। महानगरपालिका शामिल गांवों के नागरिकों के टैक्स की समस्या लंबित होते हुए अमीरों के लिए अभय योजना लाना गलत है। सत्ताधारियों के इस प्रस्ताव और भूमिका का हम विरोध करते हैं। 

    वसूली करने प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए

    महेंद्र पठारे ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के कर्मचारियों को बैठने के लिए जगह नहीं है। 100 कर्मचारी कम हैं, कंप्यूटर की संख्या कम हैं। हम केवल अपेक्षा रखते है कि इन्कम वृद्धि के लिए प्रशासन को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सभागृह नेता गणेश बिडकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी पेंडिंग मामले लोक अदालत में लेकर उस पर हल निकालने का निर्देश दिया है। उसी को लेकर पुणे कोर्ट ने महानगरपालिका से जानकारी पूछी थी। उसके अनुसार हमने बकाएदारों के जुर्माने पर सहूलियत देने के संबंध में लोक अदालत का आयोजन किया है। शहर में जितने बकाएदार हैं, उनसे वसूली करने प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए।