Another feat of BJP, 70 crore tabs being bought after the start of offline school

    पिंपरी : कोरोना काल (Corona Period) में स्कूलों (Schools) और कॉलेजों (Colleges) में ऑनलाइन (Online) शिक्षा (Education) दी जा रही है। अब जब कोरोना का प्रकोप (Epidemic) घट गया है और स्कूल और कॉलेजों में ऑफलाइन (Offline) पढ़ाई शुरू हो गई है, तब पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका (Pimpri Chinchwad Municipal Corporation) पूरे 70 करोड़ रुपये के टैब खरीदने जा रही है।

    सत्तादल भाजपा के इस एक और हैरतअंगेज कारनामे का खुलासा करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के वरिष्ठ नगरसेवक (Senior Corporator) और भूतपूर्व महापौर (Former Mayor) योगेश बहल (Yogesh Bahal) ने नगर कमिश्नर  (Municipal Commissioner) राजेश पाटिल (Rajesh Patil) से यह खरीदी रद्द (Cancelled) करने की मांग की है। मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन (Press Conference) में यह आरोप लगाया है कि यह खरीदी केवल अधिकारी (Officer), ठेकेदार (Contractor) के हित और महानगरपालिका चुनाव में सत्तादल के लिए चुनावी फंड (Electoral Fund) जमा करने के लिए किया जा रहा है।

    शिक्षक भी टैब चलाने से  अनजान है

    इस बारे में पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका कमिश्नर को दिए एक बयान में योगेश बहल ने कहा कि, अपने शासनकाल के साढ़े चार साल में सत्तादल भाजपा ने महानगरपालिका स्कूलों के शैक्षिक दर्जे को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कोरोना के काल में ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली शुरू करने के बाद पिछले डेढ़ से दो साल में छात्रों को टैब संचालित करने का सरल प्रशिक्षण भी नहीं दिया है। यहां तक ​​कि शिक्षक भी टैब चलाने से  अनजान है।

    चुनावी चंदा इकट्ठा करने की साजिश 

    हालांकि, चार महीने में महानगरपालिका के चुनाव आने के साथ, छात्रों से 70 करोड़ रुपये के टैब खरीदने की योजना बनाई गई है। इस खरीद से केवल महानगरपालिका के अधिकारियों और ठेकेदारों को फायदा होगा, लेकिन उसके साथ-साथ भाजपा के पदाधिकारी भी इस भ्रष्टाचार से चुनावी चंदा इकट्ठा करने की साजिश बनाए है।

    निविदा तत्काल रोकी जाए

    शिक्षादान जैसे पवित्र कार्य को टैब खरीदकर कलंकित करने की कोशिश महानगरपालिका में शुरू है। पिछले डेढ़ साल में महानगरपालिका के स्कूलों में छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है। शिक्षा की गुणवत्ता में भी गिरावट आई है। सत्तादल के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस ओर ध्यान देने के बजाय अपने फायदे के लिए टैब खरीदी का टेंडर जारी करने का सहारा लिया है। इसलिए टैब खरीद में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए इस निविदा को तत्काल रोक दिया जाए, यह मांग पूर्व महापौर बहल ने की है। उन्होंने कहा, सर्वप्रथम महानगरपालिका के किसी विद्यालय में महानगरपालिका स्कूलों के शिक्षकों और विद्यार्थियों को टैब संचालित करने हेतु और प्रशिक्षण देने हेतु प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए।

    आंदोलन की हिदायत

    इस स्थान पर सुविधा प्रदान करने के लिए सीएसआर निधि से राशि एकत्रित की जा सकती है। पहले चरण में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। तब तक टैब खरीदने का निर्णय तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। क्योंकि अभी ऑफलाइन स्कूल चल रहे हैं, और कोरोना की तीसरी लहर की संभावना से इंकार किया गया है। बहल ने अपने बयान में कहा, “यदि आप टैब खरीद के माध्यम से भ्रष्टाचार को नहीं रोकते हैं और निविदाएं जारी करके पैसे की बर्बादी को नहीं रोकते हैं, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा और कानूनी कार्यवाही की जाएगी।