Appeal to join Bharat Bandh Jan Aakrosh Andolan

    पिंपरी. किसानों (Farmers) और मजदूर (Laborers) हितों के विरोधी कानून वापस लेने, महंगाई और ईंधन की दरवृद्धि पर नियंत्रण लेने समेत विभिन्न मांगों के लिए संयुक्त किसान मोर्चा, मजदूर संगठन संयुक्त कृति समिती, महाविकास आघाडी की ओर से सोमवार (27 सितंबर) को भारत बंद जन आक्रोश आंदोलन (Bharat Bandh Jan Aakrosh Andolan) का ऐलान किया गया है। इसकी जानकारी देने के लिए शनिवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मजदूर संगठन संयुक्त कृति समिति के अध्यक्ष डॉ. कैलाश कदम ने पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) वासियों से इस आंदोलन में शरीक होने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल किसानों और मजदूरों का नहीं बल्कि समाज के हर तबके का प्रतिनिधिक आंदोलन है। देश में ‘एफडीआई’ (FDI) के लिए रेड कार्पेट का अर्थ हमारी आनेवाली पीढ़ी को गुलामी की दलदल में धकेलना है क्योंकि इन नए कानूनों से देश फिर से ईस्ट इंडिया कंपनी का उदय होगा।

    इस आंदोलन के जरिए केंद्र सरकार से किसान विरोधी 3 और मजदूरों के विरोधी 4 अन्यायकारी कानून रद्द करने, कृषि उपज को गारंटी मूल्य देने, मजदूरों के उत्थान के लिए कानून में बदलाव करने मजदूर संगठनों से चर्चा करने, कोविड की बदौलत रोजगार व स्वरोजगार के अवसर छीन गए अंसगठित मजदूरों को 10 हजार रुपए की वित्तीय सहायता, बैंक, बीमा, रेल्वे, डिफेन्स, चिकित्सा, दूरसंचार, कोयला, स्टील, विमान सेवा, सिंचाई, गोदी व बंदरगाह, पोस्ट का निजीकरण रोकने, पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्यतेल और जीवनावश्यक वस्तुओं की दरवृद्धि ओर नियंत्रण लाने, पुणे जिले के मजदूरों के खिलाफ प्रबंधन द्वारा दर्ज कराए गए झूठे मामले वापस लेने, राज्य की फडणवीस सरकार के कार्यकाल में बंद किए गए फैक्ट्री एक्ट के तहत औचिक निरीक्षण की व्यवस्था पुनः शुरू कराने जैसी कई मांगें रखी गई हैं। 

    काले कानून को रद्द किया जाए

    ओला, ऊबर की वजह से ऑटो रिक्शा, टैक्सी चालक आर्थिक संकटों से घिर गए हैं। ऐसी नौबत आनेवाले दिनों में हर क्षेत्र में होगी, इसलिए उक्त काले कानून रद्द किए जाने चाहिए। इस मांग के लिए 27 सितंबर को भारत बंद जन आक्रोश आंदोलन का ऐलान किया गया है। इसमें शामिल होकर केंद्र सरकार की निंदा करें, यह अपील भी डॉ. कदम ने की है। इस संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका में विपक्षी दल के नेता राजू मिसाल, पूर्व नगरसेवक मारुती भापकर, वरिष्ठ मजदूर नेता अजित अभ्यंकर, मानव कांबले, अनिल रोहम, पांडूरंग गडेकर, दिलीप पवार, निरज कडू, वसंत पवार आदि उपस्थित थे।