Parking
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    पुणे: फ्लैट (Flat) लेते समय हुए कॉन्ट्रैक्ट (Contract) के अनुसार पार्किंग (Parking) न मिले घर मालिकों को उपभोक्ता आयोग (Consumer Commission) ने राहत (Relief) दी है। आयोग ने डेवलपर को अनुबंध के अनुसार संबंधित किरायेदार को पार्किंग स्थल सौंपने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग के अध्यक्ष जे. वी. देशमुख, सदस्य अनिल जावलेकर और शुभांगी दुनाखे ने यह फैसला सुनाया है। इस संबंध में हेमंत और ज्योति जगताप ने वी एम समूह के विजय तापड़िया के खिलाफ आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। 

    शिकायतकर्ता जगताप ने अंबेगांव में ग्रुप के एक प्रोजेक्ट में 32 लाख 49 हजार रुपए का फ्लैट बुक कराया था। इसी कीमत पर पार्किंग देने का अनुबंध हुआ था। हालांकि, जब उन्होंने वास्तव में फ्लैट का कब्जा लिया था, तब उन्हें पार्किंग और फ्लैट के पूर्णत्व का प्रमाण पत्र नहीं दिया गया था। इसलिए जगताप ने ग्रुप के खिलाफ पुलिस और आयोग में शिकायत दर्ज करवाई। आयोग में जगताप की ओर से एड. ज्ञानराज संत और एड. जयश्री कुलकर्णी ने पैरवी की।

    पार्किंग न मिलने से हुई परेशानी

     पार्किंग न मिलने से हुए मानसिक और शारीरिक परेशानी को लेकर होनेवाले नुकसान की भरपाई के रूप में पांच लाख रुपए, 50 हजार रुपए शिकायत पर खर्चा साथ ही पार्किंग की जगह न मिलने पर पांच लाख रुपए मिले, यह मांग जगताप ने आयोग से की गई शिकायत में की थी। आयोग के आदेशानुसार डेवलपर को फैसले के 45 दिनों के भीतर कार पार्किंग का कब्जा जगताप को देना होगा। साथ ही पार्किंग न देने पर हुई परेशानी के लिए 15 हजार रुपए, शारीरिक और मानसिक परेशानी के लिए 10,000 रुपए और शिकायत खर्च के लिए 5,000 रुपए का भुगतान करने का भी आदेश दिया।