Pimpri Chinchwad Municipal Corporation

    पिंपरी:  पिंपरी-चिंचवड नवनगर विकास प्राधिकरण (Pimpri-Chinchwad Navnagar Development Authority) की सीमा में रहनेवाले सर्वसामान्य रहवासियों को भाजपा शहराध्यक्ष (BJP City President) और विधायक महेश लांडगे (MLA Mahesh Landge) ने दिवाली की सौगात दी है। जैसा कि उन्होंने आश्वासन दिया था, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) की सर्वसाधारण सभा में प्राधिकरण के आवासों के लिए हस्तांतरण शुल्क निर्धारण रद्द (Cancellation of Assessment) करने का महत्वपूर्ण फैसला किया गया। विधायक महेश लांडगे ने 2017 के चुनावों में वादा किया था कि प्राधिकरण के निवासियों को जजिया हस्तांतरण शुल्क से छूट दी जाएगी। 

    उस आश्वासन को पूरा करते हुए आम सभा में विधायक लांडगे और विधायक लक्ष्मण जगताप के सुझाव के अनुसार प्राधिकरण के निवासियों पर लगाये गये स्थानांतरण शुल्क को रद्द करने के उप निर्देश को बहुमत से मंजूरी दी गयी। इस फैसले से करीब ढाई लाख फ्लैट मालिकों को राहत मिली है।

    महापौर ऊषा ढोरे ने की सभा की अध्यक्षता 

    इस सभा की अध्यक्षता महापौर ऊषा ढोरे ने की। महाराष्ट्र सरकार के निर्णयानुसार, पिंपरी-चिंचवड नगरविकास प्राधिकरण के विलय के बाद उसके क्षेत्र में निर्माण कार्य अनुमति और पूर्णत्व का कामकाज पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका को सौंपा गया है। साथ ही प्राधिकरण के सभी विकसित विभाग महानगरपालिका के अधीन हैं और प्राधिकरण को पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में  विभाजित किया गया है। पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्र में पिंपरी-चिंचवड़ नवनगर विकास प्राधिकरण द्वारा किराये पट्टे पर दी गई और विकसित भूमि को सार्वजनिक सुविधाओं के आरक्षण के तहत स्वामित्व और कब्जे की अधिसूचना के माध्यम से पिंपरी- चिंचवड़ महानगरपालिका को सौंप दिया गया है। 

    अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने का प्रस्ताव पेश किया 

    पिंपरी-चिंचवड़ नवनगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में पेठ सं. 5 और 8, पुणे अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र केंद्र, पेठ नं 9, 11, 12 और भोसरी केंद्रीय सुविधा केंद्रों के लिए महानगरपालिका को विशेष प्राधिकरण नियुक्त किया गया है। हालांकि, प्राधिकरण कार्यालय के कामकाज के दौरान, भूमि आवंटन हस्तांतरण शुल्क, फ्लैटों का हस्तांतरण, नाम शामिल करना, अतिरिक्त प्रीमियम, विभिन्न ऋण अनापत्ति प्रमाण पत्र, विरासत अधिकार, मोचन शुल्क आदि का भुगतान किया जाता है। इसके लिए निर्धारित किये गए शुल्क अवास्तविक रूप से तय किए गए थे। इससे प्राधिकरण के फ्लैट मालिकों में नाराजगी का माहौल है। इसके चलते महानगरपालिका के पास प्राधिकरण के जो कामकाज वर्ग में कर दिया गया है, उसके लिए प्राधिकरण के साथ-साथ महानगरपालिका द्वारा भी शुल्क लिया जा रहा है। इस संबंध में प्रचलित तरीका महानगरपालिका के स्वामित्व वाले पूरे क्षेत्र के लिए कार्य शुल्क वसूल किया जाता है वैसे प्राधिकरण क्षेत्र के लिए शुल्क वसूलने की नीति की आवश्यकता थी। इसे ध्यान में लेकर पूर्व उप महापौर और पार्षद केशव घोलवे ने फ्लैटों के स्थानांतरण, स्थानांतरण शुल्क, प्रस्तावित वृद्धि, नाम शामिल करने, कटौती, नामों के वर्गीकरण आदि के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेने का प्रस्ताव पेश किया जिसे नगरसेवक राजेंद्र गावड़े ने अनुमोदित किया।