Don't think of 'clean' institution as 'unclean'

    पुणे. पुणे के लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डालकर वर्षों से  स्वच्छ सहकारी सेवा संस्था के कूड़ा बीनने वालों की रोजी-रोटी को खतरे में डालने के लिए महानगरपालिका की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। इन कर्मचारियों द्वारा की गई मांगें जायज हैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा समर्थित हैं। कर्मचारियों की मांगों के संबंध में वरिष्ठ नेता बाबा आढाव ने सोमवार को मोर्चा निकाला था।

      इस अवसर पर  सांसद सुप्रिया ताई सुले ने बाबा से मुलाकात कर चर्चा कर मांगों का समर्थन किया। साथ ही एनसीपी के शहर अध्यक्ष होने के नाते मैंने मांगों का समर्थन किया है। ऐसा प्रशांत जगताप ने कहा कि  कांग्रेस भी संस्था के समर्थन में आगे आई है।  तो उधर सभागृह नेता गणेश बिड़कर ने भरोसा दिलाया कि स्वच्छ संस्था से काम नहीं छीना जाएगा। 

    स्वच्छ संस्था को दिया है काम  

    जगताप ने कहा कि पुणे शहर में ‘स्वच्छ’ संस्था द्वारा घर-घर कूड़ा उठाया जाता है।  पिछले 14 वर्षों की कड़ी मेहनत से कचरा संग्रहणकर्ताओं ने कचरा संग्रहण प्रणाली स्थापित की है।  हालांकि, महानगरपालिका कचरा संग्रह को एक निजी कंपनी को आउटसोर्स करने की योजना बना रही है।  अगर ऐसा हुआ तो करीब साढ़े तीन हजार कचरा उठाने वालों की नौकरी चली जाएगी साथ ही  कचरा संग्रहण की यह व्यवस्था ठप हो जाएगी।  गर्मी, हवा और बारिश के बावजूद ये मजदूर शहर के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए काम कर रहे हैं। कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी के बावजूद इन मजदूरों ने जान की परवाह किए बिना पुणे के लोगों का स्वास्थ्य बरकरार रखा है।  ऐसे में जब इन कर्मचारियों को सहारे की जरूरत है तो निगम ‘स्वच्छ’ और ‘अस्वच्छ’ की सोच रहा है।  निगम इन कर्मचारियों के सहारे पर ‘स्वच्छ भारत’ सर्वेक्षण में भाग लेता है।  पुणे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में इन कर्मचारियों का सबसे बड़ा योगदान है।  ऐसी परिस्थितियों में, राकांपा हमेशा कूड़ा बीनने वालों के साथ खड़ी रहेगी, जगताप  ने आश्वासन दिया।  सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि निगम कचरा प्रसंस्करण पर सालाना 800 करोड़ रुपये खर्च करता है।  लेकिन, कचरा डिपो के हालात को देखकर लगता है कि वहां कुछ किया ही नहीं गया।  अब सभी के घर जाकर कचरा इकठ्ठा करने वाले कर्मचारी अपना काम निकालने में लगे हैं।   यह विरोध का मामला है और हम ऐसा नहीं होने देंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, मेयर  मुरलीधर मोहोल, कमिश्नर विक्रम कुमार के साथ चर्चा करूंगी । 

     काम नहीं छीना जाएगा: सभागृह नेता

     सालों से सफाई कर रहे ‘स्वच्छ’ संगठन से उनके काम को हटाने की शहर की कोई योजना नहीं है। भाजपा पहले ही अपनी भूमिका स्पष्ट कर चुकी है।   सभागृह नेता गणेश बिडकर ने अपील की है कि कोई भी इस अफवाह का शिकार न हो कि बिना वजह साफ-सफाई का काम छीन लिया जाएगा। शहर में सफाई कर्मियों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।  कचरा बीनने वालों को सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। शहर को साफ-सुथरा रखने का काम बहुत कठिन है और बिना ‘स्वच्छ’ के यह काम नहीं करेगा। वरिष्ठ मजदूर नेता बाबा आढाव की अध्यक्षता में स्वच्छ संस्था के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न चीजों की मांग को लेकर नगर पालिका के प्रवेश द्वार के बाहर धरना दिया। सदन के नेता बिडकर ने इस आंदोलन में भाग लेकर सत्ताधारी दल के रूप में अपनी भूमिका प्रस्तुत की।  बिडकर ने प्रशासन को स्वच्छ के कार्यों का विस्तार से अध्ययन कर अगले दो माह में प्रस्ताव देने के निर्देश दिए।