Water cut in many areas of Mumbai, on January 27, there will be water cut in these areas
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    पिंपरी : पिंपरी चिंचवड़ शहर के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) लगातार चमकोगिरी करती रही है। दरअसल, दिसंबर (December) 2021 के अंत तक अतिरिक्त जल भंडार (Additional Water Reserves) लाने का उनका दावा विफल साबित हुआ है। इस अवधि में चिखली वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (Chikhali Water Treatment Plant) का काम पूरा नहीं हो सका। राष्ट्रवादी कांग्रेस के पिंपरी चिंचवड़ अध्यक्ष संजोग वाघेरे पाटिल (Sanjog Waghre Patil) ने आरोप लगाया है कि निगम में इन सत्तादल की नकारात्मकता और गलत नियोजन के कारण सोसायटियों को कुओं से पानी की आपूर्ति करने की नौबत आई है।

    इस संबंध में संजोग वाघेरे पाटिल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पिंपरी चिंचवड़ के बढ़ते शहरीकरण और आबादी को देखते हुए शहर को अतिरिक्त जलापूर्ति की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शहर के लिए आन्द्र और भामा आसखेड़ बांध के पानी का कोटा आरक्षित किया। इसके बाद सत्तादल शहर में पानी लाने की योजना बनाने लगे। 2017 में भाजपा ने फर्जी घोषणाएं कर निगम की सत्ता हासिल की थी।

    राष्ट्रवादी के कार्यकाल में शहर में दिन में दो बार और कम से कम रोजाना पानी की आपूर्ति की जाती थी। उस समय 24 घंटे जलापूर्ति की योजना बनाई गई थी। लेकिन जब से भाजपा सत्ता में आई है, शहर में पानी का संकट गहरा गया है। निगम के माध्यम से शहर के नागरिकों को पानी की आपूर्ति दिन में एक बार भी नहीं होती है। भाजपा के सत्ता में आने के बाद एक दिन छोड़कर शहर में पानी की आपूर्ति की जा रही है। भाजपा ने करोड़ों रुपये खर्च कर शहर के साथ धोखा किया है और लोगों के साथ विश्वासघात किया है।

     जल आपूर्ति सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी 

    कुछ दिन पहले एक भाजपा पार्षद ने चिखली क्षेत्र में एक सोसायटी के निवासियों की पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए कुआं बनवाया था। बताया जा रहा है कि इस कुएं का उद्घाटन सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक ने किया था। नगर निगम प्रणाली के माध्यम से शहर और उसके नागरिकों को सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। वे शासक अभिजात वर्ग को कुएं के पानी का उपयोग करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। शहर के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है ? निगम में सत्तारूढ़ भाजपा की पांच साल में यह सबसे बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि देश के उत्तरी भाग के बुद्धिमान नागरिक आगामी नगरपालिका चुनावों में भाजपा को सबक सिखाये बिना नहीं रह पाएंगे। पिछले साल, भाजपा पदाधिकारियों ने बार-बार दिसंबर 2021 तक शहर में अतिरिक्त पानी लाने की कसम खाई थी। दरअसल, इस दौरान शहर को पानी नहीं मिला। चिखली में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा नहीं हुआ है। इस सभी काम को पूरा होने में छह महीने से अधिक समय लगने की संभावना है। चिखली वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में देरी और शहर को अतिरिक्त पानी नहीं देने के लिए भाजपा जिम्मेदार है।