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    पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड (Pimpri-Chinchwad) की हिंजवडी पुलिस (Hinjewadi Police) ने कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कस्टमर केअर सेंटर (Fake Customer Care Center) चलानेवाले गिरोह (Gang) का पर्दाफाश किया। सेंटर के चालक समेत 5 लोगों को चिखली, दापोडी और मुंबई से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। उनके पास से कुल एक लाख 14 हजार 500 रुपए के कम्प्यूटर, 17 मोबाइल, नोटबुक, 7 मोबाइल टोल फ्री नंबर जब्त किए गए। इसकी जानकारी डीसीपी-2 के आनंद भोईटे ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी।गिरफ्तार आरोपियों में रफीकउद्दीन उर्फ रफीक अब्दुल ललित चौधरी (28), मोहम्मद फिरोज मो.अब्दुल (21), अशोक कुमार धुकाराम माली (31),  जयप्रकाश धुकाराम माली (27), पारस कुमार गौराराम माली (21) का समावेश है। इस बारे में अरुण गुलाब डूंबरे (43) ने शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी अपना रेफ्रिजरेटर मरमम्त के लिए गूगल से कस्टमर केअर सेंटर का नंबर 18001038441 पर फोन किया था। व्हर्लपुल कस्टमर केअर से बोल रहा हूं ऐसा कहा। रफीक और फिरोज दोनों फरियादी के घर आए फ्रीज की मरम्मत का झांसा देकर 3,250 रुपए गूगल पे द्धारा रकम लेकर बनावटी इन व्हाइस देकर उनके साथ धोखाधडी की। हिंजवडी थाने के पुलिस उपनिरीक्षक महेंद्र गडवे ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

    मुंबई के मलाड में है कार्यालय

    जांच में पता चला कि फर्जी कस्टमर केअर सेंटर का कार्यालय पिंपरीपाडा, मालाड, मुंबई में है। वहां छापा मारकर मालिक और काम करने वाली 4 लडकियां, 2 पुरुष को हिरासत में लिया। इसमें से अशोक कुमार माली सेंटर का मालिक है, जबकि जयप्रकाश चालक है। पारस कुमार सेंटर का स्टॉफ है। आरोपियों के साथ आयी तीन नाबालिग लडकियों की जांच जारी है।

    कई कंपनियों के नामों का इस्तेमाल

    आरोपी अशोक कुमार धुकाराम माली और जयप्रकाश धूकाराम माली ने पिंपरीपाड़ा स्लम मलाड ईस्ट मुंबई में कस्टमर केयर सेंटर की स्थापना की और उन्होंने सैमसंग, गोदरेज, एलजी आदि कंपनियों के नामों का इस्तेमाल किया।

    ग्राहकों से हो रही थी ठगी

    कंपनियां गूगल पर कस्टमर केयर सेंटर के नाम से विज्ञापन देती हैं और जब ग्राहक अपने इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत के लिए गूगल पर कस्टमर केयर सर्च करता है तो उक्त फर्जी कस्टमर केयर सेंटर द्वारा विभिन्न के कस्टमर केयर सेंटर के नाम से बनाए गए फर्जी टोल फ्री नंबर कंपनियां स्क्रीन पर दिखाई देती हैं और उक्त टोल फ्री नंबर स्क्रीन पर दिखाई देता है। यदि ग्राहक कॉल करता है, तो उनके ग्राहक सेवा केंद्र में ऑपरेटर कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र से कॉल प्राप्त करने का नाटक करता है और ग्राहक से जानकारी मांगता है और फिर भेजता है तकनीशियन बिना किसी प्रशिक्षण/ पाठ्यक्रम के ग्राहक के घर जाता है और मरम्मत/पार्ट रिप्लेसमेंट की आड़ में पैसे ऐंठता है। इस तरह वे इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत न कराकर ग्राहक से ठगी कर रहे थे।