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    पुणे. तीर्थक्षेत्र आलंदी स्थित देहू फाटा चौक (Dehu Phata Chowk) पर संत ज्ञानेश्वर पालकी मार्ग की अवस्था बहुत ही खराब है। सड़क (Road) पर हुए गड्ढों (Potholes) की वजह से टू व्हीलर सवार को जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ रहा है।  पालकी मार्ग पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। हालांकि पिछले कई दिनों से तीर्थक्षेत्र आलंदी से सटे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, वहीं साइड की पट्टी भी निकल गई है।

    खास बात यह है कि पालकी मार्ग पर हमेशा के लिए गड्ढे बंद किए जाएं ऐसी सभी की अपेक्षा होने के बाद भी गड्ढे को पैच मारे जा रहे हैं। परिणाम स्वरूप सफर के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    लाखों खर्च किए जाते हैं

    तीर्थक्षेत्र आलंदी से पुणे की ओर जाने के लिए रास्ता है। संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी पैदल इसी रास्ते से जाती है। हालांकि देहू फाटे पर कई दिनों से पुणे की ओर जानेवाले रास्ते पर गड्ढे बने हैं। साइड की पट्टियां भी निकली हुई हैं। ऐसे में अभी हो रही बारिश की वजह से गड्ढे में पानी जमा हो रहा है। इसलिए गड्ढे की गहराई का अंदाजा न होने के कारण कई लोग दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। इन सड़कों की मरम्मत करने का वादा किया है। हालांकि सड़क पर बने गड्ढे को पैच मारे जा रहे हैं। इसलिए स्थानीय नागरिक नाराज हैं।

    पैच की कोई गारंटी नहीं

    सड़क के काम को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि पालकी मार्ग पर किए गए पैच कितने साल, महीने, दिन, घंटे, मिनट, सेकेंड टिकेंगे? इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। ऐसे में इन कामों पर पैसे का अपव्यय, स्थानीय साथ ही ट्रैवल करनेवाले लोगों के मन को झूठी सांत्वना, दुर्घटना की गारंटी, कीचड़, टूटे-फूटे रास्ते से लोगों को परेशानी होगी। आलंदी के तीर्थ क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत लाखों रुपए खर्च कर प्रदक्षिणा मार्ग का कंक्रीटीकरण किया गया है। अभी सड़क पर कई जगह गड्ढे बन गए हैं। इसलिए काम के स्तर को लेकर आलंदी के लोग सवाल उठा रहे हैं।