Ramdas Athawale

    पिंपरी : अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले आरपीआई सुप्रीमो और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने पिंपरी-चिंचवड़ में मीडिया से की गई बातचीत में एक बड़ा बयान देकर सभी को चौंका दिया है। इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) द्वारा उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) और उनके करीबियों पर की गई छापेमारी (Raids) पर उन्होंने कहा कि इस छापेमारी से अजीत पवार को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। पांच-पांच दिन तक छापेमारी करने की बजाय एजेंसियों को जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी करनी चाहिए, यह राय भी उन्होंने दी है।

    पुणे आते वक्त पिंपरी-चिंचवड़ के वाकड इलाके में एक स्थानीय नेता के जनसंपर्क कार्यालय का उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री आठवले के हाथों किया गया। इस दौरान संवाददाताओं के साथ की गई बातचीत में उनसे अजीत पवार समेत महाविकास आघाडी के नेताओं के खिलाफ आईटी, ईडी, सीबीआई, नारकोटिक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई और उस पर छिड़ी सियासत के बारे में सवाल किया गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि आईटी, ईडी, सीबीआई, नारकोटिक्स जैसी एजेंसियां केंद्र सरकार के अधीन है, लेकिन उसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है। ये एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं। 

    ड्रग्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल फ़िल्म इंडस्ट्री में 

    उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उनके करीबियों पर की गई छापेमारी में भाजपा का कोई हस्तक्षेप नहीं है। भाजपा का पक्ष रखते हुए आरपीआई सुप्रीमों ने यह कहकर सभी को चौंका दिया कि इन छापेमारी से अजीत पवार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वे यहीं पर नहीं रुके, 5 दिनों तक चली छापेमारी पर राय देते हुए कहा कि 5 दिन तक छापेमारी की बजाय एजेंसियों को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी करें। आर्यन खान पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाई को उचित बताकर आठवले ने कहा कि ड्रग्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल फ़िल्म इंडस्ट्री में ही होता है। यह इंडस्ट्री साफ सुथरी रहनी चाहिए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक के आरोपों को उन्होंने गलत और बेबुनियाद करार दिया।

    कई मांगों को लेकर 20 अक्टूबर को  होगा आंदोलन

    एक वार्ड एक उम्मीदवार चुनाव का सही तरीका है और राज्य सरकार को स्थानीय निकाय चुनावों में एक वार्ड तीन सदस्य प्रणाली लागू नहीं करनी चाहिए। एक वार्ड तीन सदस्य यह तरीका लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। यह ऐसा तरीका है जो एक व्यक्ति, एक राय, एक मूल्य की अवधारणा को भेदता है। इसलिए वार्ड तीन के एक सदस्य इस प्रथा का पुरजोर विरोध करेंगे। राज्य सरकार भारी बारिश से प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपए प्रति एकड़ का भुगतान करें, दलितों के खिलाफ अत्याचार को रोकने के लिए एट्रोसिटी अधिनियम के प्रावधानों को सख्ती से लागू करें, राज्य सरकार को महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को रोकने और पीड़ित महिलाओं को 50 लाख रुपए की सहायता प्रदान करें, ओबीसी समुदा को राजनीतिक आरक्षण प्रदान करें आदि मांगों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया की ओर से 20 अक्टूबर को राज्य के सभी तहसील कार्यालयों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में आंदोलन किया जाएगा। इसकी घोषणा करते हुए आठवले ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सभी कार्यकर्ता मास्क पहनकर नियमों का पालन करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विरोध के दौरान कोरोना न फैले।