Khadakwasla Pune

Loading

पुणे: इंदापुर तहसील में नीरा और खडकवासला (Khadakwasla) इन दोनों डैम के बीच एक बड़ा अंतर है। नीरा डैम पिछले एक महीने से लबालब होने से क्षेत्र के किसानों (Farmers) को राहत है। जबकि खड़कवासला नहर के क्षेत्र के किसान दो महीने से पानी की कमी (water shortage) से जूझ रहे हैं। नीरा डैम के किनारे तहसील के बड़े नेताओं की खेती के कारण नहर को समय पर और पर्याप्त पानी मिल रहा है। इसके विपरीत खडकवासला नहर खतरे में है क्योंकि खडकवासला नहर कोई बड़ा नेता निर्भर नहीं है। खडकवासला नहर के किनारे के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार होने आरोप लगाया जा रहा है। 
 
पहला खेम का पानी छोड़ा जाएगा आज
नहर सलाहकार समिति में खडकवासला नहर को गर्मियों में दो रोटेशन देने का निर्णय लिया गया है। पहला रोटेशन 4 मार्च को छोड़ा जाएगा। पानी छोड़े जाने के बाद तहसील तक पहुंचने में कम से कम दस दिन लगेंगे। लेकिन इसके बाद पानी कितने समय तक रहेगा इसकी कोई निश्चितता नहीं है, साथ ही उपमुख्यमंत्री और पालक मंत्री अजित पवार ने मई में स्थिति देखने के बाद दूसरा रोटेशन देने की घोषणा की है। लेकिन कहा जा रहा है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि दूसरा रोटेशन  सिंचाई के लिए उपलब्ध होगा। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आने वाला पानी इंदापुर पहुंचेगा। पानी आते ही बिजली बंद कर दी जायेगी। तहसील में नीरा नहर की सहायक नदियां दक्षिण की ओर जबकि खडकवासला नहर की सहायक नदियां उत्तर की ओर बह रही हैं। इन दोनों नहरों का बीच में सुखा क्षेत्र बना हुआ है। इसमें से तहसील के 22 गांवों की पानी की समस्या को हल करने के लिए खडकवासला नहर को नीरा नहर से जोड़ने का प्रयास सणसर कट योजना के माध्यम से किया गया था। 

पानी का समान वितरण आवश्यक
टेल टू हेड पानी का समान न्याय वितरण आवश्यक है। पिछले साल काम बारिश होने के कारण  इस साल गर्मी अधिक होने की संभावना जताई गयी है। इसके अलावा फसलों की पानी की जरूरत भी बढ़ गई है। पशुओं के लिए चारा फसलें महत्वपूर्ण है. खेत के कुएं निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। आधे से ज्यादा खेत खाली हैं। अगले चार महीने बेहद तनावपूर्ण रहने वाले हैं। कृषि और पशुधन को बनाए रखने के लिए पानी की तत्काल आवश्यकता है। सिंचाई विभाग को टेल टू हेड की तरह पानी का समान वितरण करना जरूरी है। इंदापुर में पानी पहुंचने से पहले ही नहर फूटने, गेट खुलने के मामले भी सामने आ चुके हैं। 

अकोले व काजड इलाकों कुएं के पानी गायब
अकोले और काजड तक एक सुरंग से खडकवासला नहर का पानी लाने की योजना है, लेकिन सणसर कट में पिछले कुछ सालों से पानी नहीं मिल रहा है। इसके अलावा दो सुरंगों के कारण अकोले व काजड इलाकों में किसानों के कुएं ढह गए हैं। नीरा-भीमा नदी जोड़ो परियोजना और सणसर कट दो सुरंगों के कारण कुओं का पानी गायब हो गया हैं। परिणाम स्वरूप इस क्षेत्र के किसानों के सामने सिंचाई की गंभीर स्थिति है।