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    पिंपरी : पिछले कुछ महीनों में पिंपरी-चिंचवड (Pimpri-Chinchwad) में वित्तीय धोखाधड़ी (Fraud) के 15,000 से अधिक मामले सामने आए हैं, और साइबर सेल (Cyber Cell) को 2000 प्रकार के तत्काल ऋण धोखाधड़ी की सूचना मिली है। नागरिक सुरक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष विजय पाटिल ने कहा कि, साइबर अपराधी सरकारी एजेंसियों को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। इस सिलसिले में विजय पाटिल ने साइबर अपराध (Cyber Crime) कार्यालय पिंपरी-चिंचवड में वरिष्ठ अपराध निरीक्षक डॉ. संजय डी. तुंगर से मुलाकात की।  

    क्लोन सिम कार्ड और विभिन्न UPI आईडी का भी उपयोग करते हैं

    पाटिल ने कहा कि राज्य में कोरोना महामारी के बाद कई लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई लोग अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कर्ज लेने की कोशिश कर रहे हैं। तत्काल ऋण प्राप्त करने के लिए, युवा “गूगल ऐप” पर उपलब्ध विभिन्न ऐप का सहारा ले रहे हैं और यहीं से हमले की शुरुआत होती है। ज़रूरतमंद लोग “हैंडी सॉल्ट”, “इंस्टेंट सॉल्ट” जैसे ऐप डाउनलोड करते हैं और गिरोह के जाल में पड़ जाते हैं जो ऋण लेने की कोशिश कर रहे हैं। साइबर अपराधी संदेश भेजने के लिए क्लोन सिम कार्ड और विभिन्न यूपीआई आईडी का भी उपयोग करते हैं और मोबाइल का पूरा डेटा हैक, संपर्क सूची, पहचान पत्र हैक करने के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं। इसके बाद फिरौती लेकर, साइबर पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने में सफल होते हैं।

    साइबर अपराधियों की संख्या बढ़ी

    जालसाज अश्लीलता के संदेश फैलाने की धमकी देकर फिरौती के रूप में लाखों रुपये जमा करते हैं, कई लोग सामाजिक डर से उनकी मांगों को पूरा करते हैं। इस तरह की घटनाएं पूरे देश में दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं और भारत सरकार, पुलिस और भारतीय रिजर्व बैंक इन पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है।नतीजतन, साइबर अपराधियों की संख्या बढ़ गई है और हजारों नागरिकों को धोखा देने का घोटाला बिना किसी बाधा के चल रहा है, यह आरोप भी पाटिल ने लगाया। शिकायत में पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि अपराधी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री पद जैसे महत्वपूर्ण पद को बदनाम कर देश की छवि धूमिल कर रहे हैं।