Moshi Fire Station

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पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड शहर (Pimpri-Chinchwad City) में महानगरपालिका की कई विकास परियोजनाओं को उद्घाटन का इंतजार है। इसमें जलापूर्ति से लेकर दमकल केंद्र जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए स्थानीय भाजपाई उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Deputy Chief Minister Devendra Fadnavis) से तारीख मिलने की प्रतीक्षा में है। गर्मियों में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में मोशी (Moshi) में बनाए गए दमकल केंद्र जो समाविष्ट गांवों के लिए उपयुक्त साबित होगी, को जल्द से जल्द शुरू करना जरूरी हैं। हालांकि जलापूर्ति और दमकल केंद्र (Fire Station) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भी उद्घाटन के अभाव में उन्हें लोगों के लिए खुला नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर शहरवासियों में नाराजगी का माहौल है। 

पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका क्षेत्र में मोशी, चऱ्होली, डुडूलगांव, वडमुखवाडी, चोविसावाडी आदि में बड़ी संख्या में ऊंची इमारतें बन चुकी हैं और नए भी बन रहे हैं। चूंकि इन क्षेत्रों में कोई फायर स्टेशन नहीं है, इसलिए नया स्टेशन बनाना बहुत आवश्यक है। इसे ध्यान में लेकर महानगरपालिका की ओर से करीबन चार करोड़ रुपए खर्च कर मोशी में श्री नागेश्वर महाराज अग्निशमन केंद्र बनाया गया है, जो पिछले कई माह से उद्घाटन नहीं होने के कारण अभी तक शुरू नहीं हो सका है, जबकि श्री नागेश्वर महाराज फायर स्टेशन मोशी के अप-टू-डेट भवन का कार्य लगभग छह-सात माह पूर्व पूर्ण हो गया था। यदि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आग लगती है, तो करोड़ों रुपए खर्च करके स्थापित किए गए अग्निशमन केंद्र का क्या उपयोग है? यह सवाल स्थानीय नागरिकों ने उठाया है।

कूड़ा डिपो में लगती है हमेशा आग

मोशी फायर स्टेशन से मोशी, चऱ्होली, डुडूलगांव, वडमुखवाडी, चोविसावाडीके नागरिकों को लाभ होगा, लेकिन अभी तक शुरू ही नहीं हुआ है तो इस फायर स्टेशन का क्या उपयोग होगा अगर क्षेत्र में आग लग जाती है। क्योंकि मोशी के कूड़ा डिपो में हमेशा आग लगती रहती है। कचरा डिपो में कचरे में आग लगने के बाद आग बुझाने के लिए भोसरी, पिंपरी-चिंचवड या कुदलवाड़ी से दमकल गाड़ियों को बुलाना पड़ता है। वहां से दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में 30 से 40 मिनट लगते हैं तब तक आग रुद्र रूप धारण कर लिया होता है। आग पर काबू पाने के लिए ये दमकल गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं। अगर वही फायर स्टेशन मोशी में शुरू कर दिया जाए तो मोशी, चऱ्होली, डुडूलगांव, वडमुखवाडी, चोविसावाडी आदि जगहों पर आग लगने की स्थिति में यहां से वाहन कुछ ही मिनटों में उस स्थान पर पहुंच जाएंगे और आग पर काबू पाया जा सकेगा। नतीजन लोगों को इस फायर स्टेशन के जल्द से जल्द शुरू होने की प्रतीक्षा है।