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    पुणे: पुणे (Pune) में कोरोना (Corona) की तीसरी लहर (Third Wave) में हल्के लक्षणों (Mild Symptoms) वाले मरीजों (Patients) की संख्या अधिक है। तीसरी लहर का खतरा अब कम हो रहा है, लेकिन यह लहर कब समाप्त होगी ये अध्ययन के बाद पता चलेगा। ऐसी जानकारी महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग प्रमुख डॉ. आशीष भारती (Dr. Ashish Bharti) ने दी। कोरोना के संदर्भ में पुणे महानगरपालिका (Pune Municipal Corporation) द्वारा मरीजों के उपचार के लिए बड़े पैमाने पर बेड्‌‍स की तैयारी की है। ऐसा भी डॉ. भारती ने स्पष्ट किया।

    महानगरपालिका की जीबी में कोरोना की वर्तमान स्थिति, उपचार सुविधा और टीकाकरण पर शिवसेना के गुटनेता पृथ्वीराज सुतार, मनसे के गुटनेता साईंनाथ बाबर, कांग्रेस के गुटनेता आबा बागुल और विरोधी पार्टी की दीपाली धुमाल और सभागृह नेता गणेश बिडकर द्वारा उपस्थित मुद्दों पर डॉ. भारती ने स्पष्टीकरण दिया। डॉ. भारती ने कहा कि पुणे में कोरोना की तीसरी लहर का ग्राफ उतर रहा है। तीसरी लहर में मृत्युदर कम हो रही है। शहर में अब तक 415 ओमीक्रोन मरीज मिले हैं। यह लहर कब समाप्त होगी अध्ययन के बाद बता पाएंगे, ऐसा भी डॉ. भारती ने कहा।

    सरकारी अस्पतालों में बेड्स खाली

    डॉ. भारती ने कहा कि बाणेर और नायडू दोनों अस्पतालों में 180 मरीज उपचार ले रहे हैं, शेष बेड्‌‍स खाली हैं। रक्षक नगर स्थित क्वारंटाइन कक्ष में सिर्फ 10 मरीज हैं। कोरोना का पहला डोज 116 %, दोनों डोज 85 % नागरिकों को दिए हैं। 15 से 18 वर्ष आयु के 42 % लड़कों को टीका दिया गया हैं। 10 तारीख से बूस्टर डोज देने की शुरुआत की है। अब तक 30 हजार वरिष्ठ नागारिकों बूस्टर डोज दिया गया हैं।

    अलर्ट मोड पर जंबो कोविड अस्पताल

    कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर महानगरपालिका के पास अभी 13 हजार बेड्स उपलब्ध हैं। उसे 25 हजार बेड्स तक बढ़ाने की तैयारी की गई है। ऑक्सीजन बेड्स की जरूरत के लिए हड़पसर स्थित अन्ना साहेब मगर अस्पताल में 30 बेड्स की सुविधा है, येरवडा स्थित यशवंतराव चव्हाण अस्पताल में 200 बेड्स हैं, वहां पर किशोरवयीन लड़कों का उपचार करने की सुविधा है। बाणेर का नया अस्पताल और जंबो कोविड अस्पताल भी अलर्ट मोड पर है।