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    पुणे: पश्चिम महाराष्ट्र (Western Maharashtra) के सामान्य बिजली उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल (Electricity Bill) के रुप में जमा किए गए चेक में से हर महीने करीब 900 से 1000 चेक बाउंस (Check Bounce) हो रहे है। ऐसे ग्राहकों के हर बिजली बिल पर विलंब जुर्माने (Fine) के साथ जीएसटी (GST) सहित 885 रुपए का दंड अगले महीने के बिजली बिल में शामिल किया जाएगा।

    ऑनलाइन की सुविधा होने के बावजूद पुणे, सोलापुर, सांगली और कोल्हापुर जिले में अभी तक केवल एक लाख 9 हजार बिजली ग्राहक ही चेक से बिजली बिल जमा करा रहे हैं, लेकिन इसमें से हर महीने 900 से 1000 हजार चेक बाउंस हो रहे हैं। इनमें पुणे जिले में 700 से 800, सोलापुर में 40 से 50, सातारा में 30 से 40, सांगली में 30 से 40 और कोल्हापुर जिले में 110 ये 120 चेक बाउंस हो रहे हैं। इन सभी ग्राहकों को हर बिजली बिल के लिए 750 रुपए बैंक एडमिनिस्ट्रेशन चार्जेस और उस पर लगने वाला 18 फीसदी जीएसटी का 135 रुपए सहित कुल 885 रुपए और विलंब चार्ज अगले महीने से बिजली बिल में शामिल कर भेजा जाएगा।

    इसलिए बकाया नजर आ रहा

    चेक में गलत तारीख, ओवरराइटिंग, गलत सिग्नेचर, गलत नाम, एकाउंट में रकम नहीं होना आदि वजहों से चेक बाउंस हो रहे है। चेक दिए जाने के बाद उसे क्लीयर करने के लिए तीन से पांच दिनों का वक्त लगता है। चेक दिए जाने के बाद रकम जमा होने की तारीख से बिजली बिल जमा माना जाता है। इस वजह से तय अवधि से एक दो दिन पहले दिए गए चेक अवधि के बाद जमा होने से अगले बिजली बिल में बकाया दिखता है।

    महावितरण की अपील, ऑनलाइन बिल भरें

    महावितरण के www.mahadiscom.in वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए मौजूदा और पिछले बिजली बिल को देखना और ऑनलाइन जमा करना आम ग्राहकों के लिए घर बैठे संभव हुआ है। एक एकाउंट से खुद से कई बिजली कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, यूपीआई, भीम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, मोबाइल बैंकिंग के जरिए भरने से बिजली बिल में 0.25 फीसदी छूट दी जा रही है। साथ ही क्रेडिट कार्ड को छोड़कर सभी ऑनलाइन जमा करना मुफ्त है।