police commissioner Amitabh Gupta

    पुणे. महिला अत्याचार की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर पुणे पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता (Police Commissioner Amitabh Gupta) ने महिलाओं की सुरक्षा (Safety) के प्रति और सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न सुरक्षा दस्तों का गठन किया है। इसमें पुलिस काका, पुलिस दीदी, दामिनी, आईटी क्षेत्र में बडी कॉप आदि दस्ते शामिल है। इन दस्तों जो पहले शुरू थे बाद में किन्हीं कारणों से बंद हो गए, को पुनः सक्रिय कर दिया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस (Police) द्वारा बस स्टॉप, एसटी स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों जैसी जगहों पर रात में पुलिस कर्मियों की संख्या और पेट्रोलिंग (Patrolling) बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।

    पिछले कुछ दिनों में शहर में महिलाओं के साथ अत्याचार और हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर पुलिस कमिश्नर गुप्ता ने पुलिस आयुक्तालय में एक अपराध समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सभी पुलिस थाने, क्राइम ब्रांच के विभिन्न दस्तों के पुलिस निरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल थे। इस बैठक में शहर में भीड़-भाड़ वाली जगहों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर महिला सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए। 

    चरणों में काम करेगी दामिनी दस्ता

    पुणे पुलिस बल के पास वर्तमान में महिला सुरक्षा के लिए दामिनी दस्ता है। हालांकि अब इसकी टीम दो चरणों में काम करेगी। यह दस्ता पुलिस की वर्दी में शहर में गश्त करेगा। एक दोपहिया वाहन पर एक दस्ता दो थानों की सीमाओं पर गश्त करेगा। इसलिए दूसरा दस्ता क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में काम करने जा रहा है। इस टीम की पुलिस कर्मी सादे कपड़ों में स्कूल-कॉलेज जाएगी और मार्गदर्शन करेंगी।

    बढ़ा दी गई है पुलिस गश्त

    पुणे पुलिस द्वारा कुछ वर्षों से आईटी में काम करने वाली महिलाओं के लिए बडीकॉप योजना लागू किया गया था। इसमें आईटी कंपनियों और पुलिस अधिकारियों के साथ महिला कर्मचारियों के 400 से 500 व्हाट्सएप ग्रुप बने थे। हालांकि यह समूह सक्रिय हैं लेकिन अब इस ग्रुप में और भी पुलिस अधिकारी सक्रिय होंगे और महिलाओं की समस्याओं के तत्काल समाधान पर ध्यान देंगे। स्कूल-कॉलेज बंद होने से पुलिस काका और पुलिस दीदी की योजनाएं ठप्प पड़ी हैं। ये योजनाएं कुछ दिनों में फिर से चालू हो जाएंगी। यह पुलिस के प्रति बच्चों के डर को दूर करने के साथ-साथ गुड टच, बैड टच पर उनका मार्गदर्शन करेगा। जनजागरूकता पर जोर रहेगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पहले ही उचित कदम उठाए जा चुके हैं। इसे अब विभिन्न पहलों के माध्यम से अधिक ध्यान दिया गया है। महिलाओं के लिए रात में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी रहेगी।