Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation

    पिंपरी: कोरोना महामारी (Corona Pandemic) का असर कम होने के दौर में पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) का प्राथमिक शिक्षा विभाग एक तरफ जहां टैब (Tab) की खरीद की हड़बड़ी में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ कोरोना (Corona) के प्रकोप को देखते हुए स्कूल (School) शुरू करने का फैसला लिया जा रहा है। फिलहाल स्कूल पूरी क्षमता से शुरू करने का फैसला 15 दिसंबर तक टाल दिया गया है। हालांकि शिक्षा विभाग किसी भी सूरत में टैब खरीदने के लिए अडिग है। टैब की खरीद के लिए बजट में अपर्याप्त प्रावधान होने के कारण अन्य कार्यों की राशि को टैब खरीद और प्रशिक्षण के लिए 14 करोड़ 50 लाख रुपए कर दिया जाएगा। इसके लिए महानगरपालिका कमिश्नर राजेश पाटिल ने पहल किए जाने से अचरज जताया जा रहा है।

    कोरोना महामारी के चलते पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्र के सभी स्कूल दो साल से बंद कर दिए गए हैं। फिलहाल छात्रों की पढ़ाई ऑनलाइन शुरू है, जबकि आठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई ऑफलाइन शुरू है। म्युनिसिपल स्कूल में गरीब छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण निगम ने छात्रों के लिए टैब खरीदने का निर्णय लिया। हालांकि, अब कोरोना का प्रकोप घट रहा है। इसलिए राज्य सरकार प्राइमरी स्कूल शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके बावजूद महानगरपालिका ने टैब खरीदने का फैसला किया है। महानगरपालिका के प्राथमिक शिक्षा विभाग के वर्ष 2021-22 के बजट में सवा करोड़ रुपए टैब की खरीद के लिए प्रावधान किए गए हैं। हालांकि यह कम प्रावधान है और इसके लिए अधिक प्रावधान की आवश्यकता है। इसके फलस्वरूप शिक्षा विभाग में अन्य कार्यों की राशि को कम कर 14 करोड़ 50 लाख रुपए टैब क्रय और प्रशिक्षण में व्यय किए जाएंगे।

    महानगरपालिका कमिश्नर ने स्थायी समिति को प्रस्ताव सौंपा

    शिक्षा विभाग के बजट में ई-लर्निंग स्कूल के लिए बजट में 11 करोड़ रुपए का प्रावधान है। इसमें से 10 करोड़ 50 लाख रुपए टैब खरीद और प्रशिक्षण के लिए खर्च किए जाएंगे। वाटर फिल्टर लगाने के लिए 70 लाख रुपए का प्रावधान है, जिसमें से 50 लाख कम किए जाएंगे। समग्र शैक्षिक गुणवत्ता और विकास गतिविधियों के लिए 2.6 करोड़ रुपए में से 1 करोड़ रुपए छात्र स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए और 55 लाख रुपए छात्र स्कूल खिलौनों के लिए आबंटित है।  यह कुल साढ़े 14 करोड़ रुपए का बजट टैब खरीदी और प्रशिक्षण के लिए वर्ग किए जाएंगे। इस बारे में महानगरपालिका कमिश्नर राजेश पाटिल ने स्थायी समिति को प्रस्ताव सौंपा है। अब स्थायी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर होने वाले फैसले की ओर सभी की निगाहें गढ़ गई हैं।