PMC E-vehical

    पुणे: पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) ने पर्यावरण अनुकूल ई-वाहनों को बढ़ावा दिया है। इसके तहत पहले चरण में 36 ई-कारों (E-Cars) को किराए पर पीएमसी (PMC) ने लेने की मंजूरी दी गई है। जिनमें से 8 कारें एक सप्ताह पहले ही पीएमसी के बेड़े में शामिल की जा चुकी हैं। हालांकि पीएमसी कार्यालय परिसर में चार्जिंग स्टेशन (Charging Station) नहीं है। ऐेसे में ई-वाहनों को चार्जिंग के लिए भोसरी के चार्जिंग सेंटर में ले जाना पड़ रहा है। इसलिए पीएमसी कार्यालय परिसर (PMC Office Complex) में तत्काल चार्जिंग स्टेशन बनाने की मांग की जा रही है।

    पीएमसी प्रशासन ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए ईलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके तहत पीएमपीएमएल सार्वजनिक परिवहन के लिए ई-बसों का उपयोग करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई।

     100 से ज्यादा नई ई-बसें धूल खा रही 

    वर्तमान में पुणे महानगरपालिका के बेड़े में ढ़ाई सौ से अधिक ई-बसें हैं। ई-बसें, जिन्हें हाल ही में दूसरे चरण में लिया गया था, उनका उद्घाटन 6 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में किया गया था, लेकिन अभी तक चार्जिंग सिस्टम नहीं होने के कारण 100 से ज्यादा नई ई-बसें धूल खा रही हैं।

     35 किलो मीटर दूर चार्जिंग के लिए जाना पड़ता है

    पीएमसी ने अधिकारियों के लिए भी ई-कार लेने का फैसला किया है। पहले चरण में 36 ई-कारों को किराए पर लेने की मंजूरी दी गई है। इन कारों को सहायक आयुक्त स्तर के अधिकारियों को उपलब्ध करा दिया गया है। इन कारों की बैटरी को पूरी तरह चार्ज करने के बाद कार शहर में 160 किलो मीटर का सफर तय कर सकती हैं। सहायक आयुक्त ने भी इन कारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। हालांकि  चार्जिंग सिस्टम अभी तक स्थापित नहीं किया गया है। ड्राइवरों को चार्जिंग के लिए भोसरी एमआईडीसी के निजी चार्जिंग स्टेशन पर जाना पड़ता है। इसलिए आने-जाने के लिए करीब 35 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। साथ ही कार्यालय समय के बाद अधिकारियों को दिन में वाहन चार्ज करने के लिए घर से निकलकर भोसरी जाना पड़ता है। मांग की जा रही है कि ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएमसी भवन के साथ-साथ उपायुक्तों और क्षेत्रीय कार्यालयों के परिसरों में भी ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं।