प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

    पुणे. विभिन्न योजनाओं में कैश (Cash), गोल्ड (Gold), चांदी (Silver) के निवेश (Investment) पर आकर्षक रिटर्न देने का लालच देकर निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी (Cheating) करने के मामले में पुणे (Pune) के मशहूर मराठे ज्वेलर्स (Marathe Jewelers) के कौस्तुभ अरविंद मराठे और मंजरी कौस्तुभ मराठे को पुलिस ने गिरफ्तार (Arrested) कर लिया है। इन दोनों के विशेष न्यायालय में हाज़िर होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने प्रणव मिलिंद मराठे (26) को पहले ही गिरफ्तार किया था, जो फ़िलहाल जेल में है। जबकि मृत मिलिंद उर्फ़ बलवंत अरविंद मराठे, नीना मिलिंद मराठे के साथ अन्य आरोपियों के खिलाफ कोथरुड पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है। उनके खिलाफ शुभांगी विष्णु कुटे (59) ने शिकायत दर्ज कराई है। 

    प्रणव मराठे ज्वेलर्स के लक्ष्मी रोड और पौड़ रोड ब्रांच में 14 जनवरी 2017 से जनवरी 2021 के बीच यह घटना हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्रणव मराठे ज्वेलर्स की विभिन्न योजनाओं में कैश, सोना, चांदी का निवेश करवाया और 18  शिकायतकर्ताओं से 5 करोड़ 9 लाख 72 हज़ार 970 रुपए की ठगी की। इस मामले में 21 मार्च 2021 में केस दर्ज किया गया था। 

    18 सितंबर तक पुलिस कस्टडी

    कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे है। मंजरी मराठे के बैंक अकाउंट में चश्मदीद द्वारा निवेश की गई रकम भेजी गई है। साथ ही मंजरी मराठे ने 1 जुलाई 2014 से 30 नवंबर 2018 की अवधि में ज्वेलर्स संस्था में पार्टनर के रूप में शामिल थी। आरोपियों से सिग्नेचर के नमूने लेने है। साथ ही उनके खिलाफ सबूत जुटाना है। आरोपियों को जमानत देने से वह देश के बाहर चले जाएंगे।  साथ ही चश्मदीद को धमका सकते है। सरकारी वकील ने कोर्ट में यह दलील भी दी कि मराठे ज्वेलर्स कंपनी के आरोपी संचालक ने कॉसमॉस बैंक से स्टॉक रकम का गबन किया है। इसे लेकर आरोपियों से पूछताछ करनी है। इसलिए उन्हें 12 दिनों की पुलिस कस्टडी देने की मांग सहायक सरकारी वकील एम. बी. वाडेकर ने की थी। इसके अनुसार कोर्ट ने आरोपियों को 18 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।