pune New Farmers Laws Manjari Devendra Fadnavis

  • विरोधी दल के नेता देवेंद्र फडणवीस का दावा
  • पुणे के मांजरी में किसानों से साधा संवाद

पुणे. किसानों (Farmers) पारियों के चंगुल से मुक्त कराने में केंद्र के नए किसान कानून (New Farmers Laws) मददगार साबित हो रहे हैं. मोदी सरकार (Modi Government) ने किसानों के कल्याण के लिए कई फैसले लिए हैं, लेकिन केवल राजनीति के लिए इसे ऐसा पेश किया जा रहा है कि मोदी सरकार किसान विरोधी है. उक्त दावा विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने किया.

पुणे जिले (Pune District) के मांजरी (Manjari) में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम (Farmer Interaction Program) में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मौजूदा बाजार समिति प्रणाली किसानों का भारी शोषण कर रही है. मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानून इन किसानों को इस शोषण से मुक्त करेंगे. इसके बावजूद किसानों को केवल राजनीतिक हितों के लिए इस कानून के बारे में गुमराह किया जा रहा है.

2006 से ही महाराष्ट्र में ठेका खेती अधिनियम

फडनवीस ने कहा कि वर्ष 2006 से ही महाराष्ट्र में ठेका खेती अधिनियम लागू है. हालांकि ठेका खेती से किसानों के धोखा देने की कोई रिपोर्ट नहीं आई है. उस समय कानून बनाने वाले अब नए कानूनों का विरोध कर रहे हैं. मोदी सरकार ने नए कानून में यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सावधानी बरती है कि किसानों को ठेका कृषि में धोखा नहीं दिया जाए.

राज्य सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया

फड़नवीस ने किसानों के कल्याण के लिए मोदी सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की विस्तार से समीक्षा की. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने चीनी का न्यूनतम खरीद मूल्य तय किया था. इससे अरबों गन्ना किसानों को फायदा हुआ है. इथेनॉल के उपयोग को प्रोत्साहित करने से चीनी मिलों को निकट भविष्य में गन्ने के बेहतर दाम मिलेंगे. राज्य सरकार ने भारी बारिश से प्रभावित किसानों की मदद के लिए कुछ नहीं किया. इस समय पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि मोदी सरकार ने आम किसानों के लाभ के लिए पिछले छह वर्षों में कई क्रांतिकारी फैसले लिए हैं. देश ने पहली बार सरकार को गन्ना किसानों को चीनी निर्यात सब्सिडी देने का श्रेय दिया है. मुट्ठीभर मंडली नए कानूनों का विरोध करते हुए कहती है कि इससे आम किसानों को फायदा नहीं होगा,  लेकिन किसान उनके इस दुष्प्रचार के शिकार नहीं होंगे. इस समय विधायक सिद्धार्थ शिरोले, राहुल कुल, पुणे शहरसध्यक्ष जगदीश मुलिक, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष योगेश टिलेकर, बाबूराव पाचरणे, दिलीप कांबले, सरपंच शिवराज अप्पा घुले उपस्थित थे.