बोपखेल पुल के श्रेयवाद की लड़ाई में अब शिवसेना की छलांग

    पिंपरी. विगत दो साल से रक्षा विभाग (Defense Department) की अनुमति के अभाव में अधर में लटके बोपखेल-खड़की पुल (Bopkhel-Khadki Bridge) के निर्माण कार्य की राह का रोड़ा हट गया है। पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) द्वारा बनाए जा रहे इस पुल के रक्षा विभाग की सीमा में आनेवाले निर्माण कार्य के लिए मंजूरी मिल गई है। हालांकि इसका काम शुरू होने से पहले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और भाजपा (BJP) के बीच श्रेय लेने की होड़ मच गई है। दोनों पार्टियों की तरफ से दावा किया जा रहा है कि हमारी कोशिशों की वजह से ही यह अनुमति मिली है और यह मसला हल होने जा रहा है। श्रेयवाद की इस लड़ाई में अब शिवसेना (Shiv Sena) ने भी छलांग लगा दी है।

    शिवसेना के सांसद श्रीरंग बारणे (MP Shrirang Barne )ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह दावा किया है कि मुला नदी पर बोपखेल- खडकी पुल के निर्माण कार्य की राह रोड़ा उनके फॉलोअप से ही दूर हो सका है। उनकी कोशिशों से ही रक्षा विभाग से वर्किंग परमिशन मिल गई है। इस क्षेत्र के स्थानीय सांसद के तौर पर उन्होंने सबसे ज्यादा कोशिश की और फॉलोअप लिया। गत साल 24 सितंबर को इस मसले पर रक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ मुलाकात कर बोपखेल के निवासियों की समस्याओं से अवगत कराया था। आखिर में उनकी कोशिशें रंग लायी और रक्षा विभाग से इस पुल के निर्माण के लिए वर्किंग परमिशन मिल गई। उन्होंने यह मांग की है कि अब महानगरपालिका को बिना समय गंवाए इस पुल का निर्माण कार्य शुरू कर बीते कई साल से परेशानियों का सामना कर रहे बोपखेल वासियों को यह पुल उपलब्ध कराना चाहिए।

    एनसीपी और भाजपा में मची रही श्रेय लेने की होड़ 

    इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा में वर्किंग परमिशन का श्रेय लेने की होड़ मची रही। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक (पिंपरी विधानसभा) अण्णा बनसोडे और भोसरी के पूर्व विधायक विलास लांडे ने कहा कि रक्षा विभाग की अनुमति पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार के माध्यम से और उनके फॉलो-अप के कारण दी गई थी। उन्होंने कहा कि शरद पवार के प्रयासों से बोपखेल के लोगों की परेशानी दूर होगी। एक महीने पहले पूर्व इस मुद्दे पर दिल्ली में शरद पवार से मुलाकात की थी। इसमें पवार ने रक्षा मंत्री और सचिव से बात की और बोपखेल के लोगों के लिए पुल के काम की अनुमति मांगी थी। उन्होंने हालिया मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायकों की बैठक में दो दिन में पुल की अनुमति मिलने की बात भी कही। इसकी जानकारी देते हुए विलास लांडे ने कहा कि तदनुसार, अंतिम अनुमति कल दी गई थी। वहीं बोपखेल की स्थानीय नगरसेविका और उपमहापौर हीराबाई घुले ने कहा कि यह भाजपा विधायक (चिंचवड़ विधानसभा) लक्ष्मण जगताप की कोशिशों की सफलता है। हालांकि सच्चाई यह है कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस ज्वलंत मुद्दे से निजात पाने की कोशिश की है।