PUNE METRO

    पुणे. पुणे शहर (Pune City) के स्वारगेट-कात्रज (Swargate-Katraj) के बीच अंडरग्राउंड मेट्रो (Underground Metro) परियोजना की रिपोर्ट तैयार करने की मंजूरी देने से लेकर इसके प्रस्ताव को मंजूर करने में तीन वर्ष तीन महीने का समय लगा है। हालिया हाम सभा में इसे मंजूरी दी गई। अब यह प्रस्ताव राज्य सरकार के जरिए केंद्र सरकार (Center Government) के पास औपचारिक मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। इसके बाद फंड उपलब्ध होने पर सातारा रोड के अंडरग्राउंड मेट्रो का काम शुरू होगा।

    पिंपरी चिंचवड़-स्वारगेट के बीच करीब 16 किलोमीटर मार्ग में मेट्रो का काम चल रहा है। इस मार्ग का अब स्वारगेट से कात्रज तक विस्तार किया जाएगा। इस मार्ग में मेट्रो बनाने का निर्णय महानगरपालिका ने लिया और 15 मई 2018 को महामेट्रो प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। इस रिपोर्ट को 17 सितंबर 2019 में महानगरपालिका में पेश किया गया, मगर प्रोजेक्ट में किए गए आर्थिक बदलाव, कोरोना आदि की वजह से करीब तीन वर्ष तीन महीने में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। कोरोना की वजह से करीब डेढ़ वर्ष महानगरपालिका की जनरल बॉडी मीटिंग नहीं हुई। बुधवार को अंडरग्राउंड मेट्रो के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी मिल गई।

    जमीन उपलब्ध कराना चुनौती

    पिंपरी-चिंचवड़-स्वारगेट-कात्रज मार्ग पर मेट्रो का पिंपरी-चिंचवड़ में निगडी तक विस्तार होगा। इसे पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी इसे मंजूरी देकर फंड का प्रावधान किया है। अब पुणे महानगरपालिका ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ऐसे में केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अंडर ग्राउंड मेट्रो का काम शुरू होगा। मेट्रो के खर्च के लिए महानगरपालिका को जमीन भी उपलब्ध कराकर देनी होगी। इसके भूमि अधिग्रहण पर महानगरपालिका को 248 करोड़ का अतिरिक्त खर्च करना होगा। ऐसे में पुणे महानगरपालिका को अंडर ग्राउंड मेट्रो के लिए कुल 733 करोड़ 85 लाख रुपए चरणों में खर्च करने होंगे। प्रोजेक्ट की 40 फीसदी रकम केंद्र, राज्य सरकार और मनपा से मिलेगी, शेष 60% रकम महामेट्रो केंद्र सरकार से कर्ज लेगी।