Sanjog Waghere

    पिंपरी: सत्तारुढ़ भाजपा (BJP) के कार्यकाल में पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) में सुचारू जलापूर्ति की योजना बनाने का मुद्दा विफल हो गया है। भाजपा ने स्मार्ट सिटी और सिटी ट्रांसफॉर्मेशन ऑफिस के जरिए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया था। स्मार्ट सिटी के कार्यों पर अरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पता चला है कि शहर परिवर्तन कार्यालय के नाम से ही सलाहकारों पर करीब 13 करोड़ रुपए खर्च किए गए। पांच साल पहले तक दैनिक पानी की सप्लाई (Water Supply) को बंद कर एक दिन छोड़कर सप्लाई कर भाजपा ने ‘शहर परिवर्तन’ कर दिखाया है, यह टिप्पणी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शहराध्यक्ष संजोग वाघेरे (Sanjog Waghere) ने की है।

    पिंपरी-चिंचवडकरों को महानगरपालिका जलआपूर्ति विभाग के टेंडर और कमीशनखोरी में ही भाजपा की रुचि रहने और उसके भ्रष्ट प्रबंधन के कारण पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। महानगरपालिका प्रशासन शहरवासियों का पानी नहीं रोकें, नहीं तो सत्ताधारी भाजपा और महानगरपालिका प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा, वाघेरे पाटिल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह चेतावनी दी है। 

    पानी की आपूर्ति बाधित होने से नागरिक परेशान

    उन्होंने कहा कि शहर में पानी की आपूर्ति बाधित होने से नागरिक परेशान हैं। पानी की समस्या को बढ़ाने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा को जिम्मेदार बताते हुए संजोग वाघेरे पाटिल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। नागरिकों, विपक्षी पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से दैनिक जलापूर्ति की लगातार मांग की जा रही है। बावजूद इसके सत्तादल और प्रशासन रोजाना पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है।

    शहर के विभिन्न हिस्सों में जलापूर्ति ठप 

    शहर में एक तरफ जहां रोजाना जलापूर्ति नहीं हो रही है तो दूसरी तरफ एक दिन में भी लोगों को ठीक से पानी नहीं दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से शहर के विभिन्न हिस्सों में जलापूर्ति ठप है। नागरिकों को समय-समय पर पानी छोड़ा जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल में 24 घंटे जलापूर्ति योजना शुरू की गईं। हालांकि, भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह योजना उलटी हो गई। सत्ताधारी भाजपा पांच साल से बाधित जलापूर्ति की समस्या का समाधान नहीं कर पाई है। वह सलाहकारों और ठेकेदारों पर बहुत पैसा खर्च करना पसंद कर रही है। उनके कार्यकाल के दौरान पूरे शहर में पानी की कटौती जारी ही है। 

    …तो एनसीपी उग्र आंदोलन शुरू करेगी

    महानगरपालिका शहर के सैकड़ों नवनिर्मित भवनों को पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। आंध्र, भामा आसखेड़ बांध से पानी आरक्षित कर शहर में लाने की योजना एनसीपी के माध्यम से शुरू हुई। भाजपा उस परियोजना की योजना भी नहीं बना सकी। भाजपा पदाधिकारी और कार्यवाहक विधायक इस बात पर जोर देते रहे हैं कि दो माह में ही कार्यों का निरीक्षण कर शहर को पानी मिल जाएगा, लेकिन वे इस प्रक्रिया को गति देने के लिए कुछ करते नहीं दिख रहे हैं। सत्ताधारी गलती छिपाने के लिए लोगों को गुमराह कर जलापूर्ति के लिए लोगों को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। संजोग वाघेरे पाटिल ने कहा है कि वे इसे रोकें और शहर में हर दिन सुचारू पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें, अन्यथा राष्ट्रवादी उनके खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेगी।