MNS Chief Raj Thackeray
मनसे प्रमुख राज ठाकरे (फोटो: नवभारत)

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को भड़काऊ भाषण मामले में हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। औरंगाबाद बेंच ने सबूतों के अभाव के चलते इस केस को खारिज कर दिया है।

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औरंगाबाद. भड़काऊ भाषण मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को सोमवार को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने सबूतों के अभाव के चलते इस केस को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि भड़काऊ भाषण और उकसावे को लेकर कोई सबूत नहीं है।

राज ठाकरे के वकील राजेंद्र शिरोडकर और सयाजी नांगरे ने अदालत को बताया कि जिस समय यह घटना हुई उस समय मनसे नेता घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे बल्कि जेल में थे।

यह ममला 16 साल पुराना है। इस मामले में निचली अदालत ने राज ठाकरे को बरी करने की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद अदालत के फैसले को राज ठाकरे ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

इस मामले पर सुनवाई करते हुए औरंगाबाद बेंच ने कहा कि निचली अदालत महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझने में विफल रही, जिसके चलते उसने राज ठाकरे को आरोपमुक्ति की याचिका को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि यह मामला मामला 21 अक्टूबर 2008 का है। इस दौरान राज ठाकरे ने आरोप लगाया था कि बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों ने महाराष्ट्र में लोगों से नौकरियां छीन ली हैं। साथ ही ठाकरे पर पार्टी के कार्यकर्ताओं को उकसाने का भी मामला दर्ज हुआ था। दरअसल, राज ठाकरे के कथित भाषण के बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई में रेलवे प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ उत्तर भारतीय उम्मीदवारों की पिटाई की थी।