Sharad Pawar and Rahul Gandhi

    मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार (NCP President Sharad Pawar) ने कहा है कि कांग्रेस (Congress) ऐसे कमजोर जमींदार की तरह है जो अब अपना घर नहीं संभाल सकता। पवार ने कहा कि नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस के नेता बहुत “संवेदनशील” हैं और किसी भी सुझाव को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

    मराठी न्यूज पोर्टल ‘मुंबई तक’ से राकांपा अध्यक्ष ने कहा, “हम मानते हैं…एक समय था जब कश्मीर से कन्याकुमारी तक कांग्रेस की मौजूदगी थी…लेकिन अब वह स्थिति नहीं है।” महाराष्ट्र में शिवसेना नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी सरकार में राकांपा और कांग्रेस भी घटक है।

    पवार ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में एक जमींदार के पास कभी बहुत जमीन और एक हवेली थी। फिर उसने ज्यादातर जमीन खो दी…हवेली खड़ी है लेकिन वह इसकी मरम्मत नहीं करा सकता…वह कहता है कि वह सारी जमीन मेरी थी, लेकिन यह अतीत की बात है।”

    सोनिया गांधी के नेतृत्व का विरोध करने के बाद 1999 में कांग्रेस छोड़ने वाले राकांपा सुप्रीमो ने हालांकि यह भी कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा का अनुसरण करती है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ मतभेद केवल कार्यशैली को लेकर थे। महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना के साथ गठबंधन के बारे में पवार ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, और राहुल गांधी उन चर्चाओं का हिस्सा नहीं थे।

    पवार के बयानों पर टिप्पणी करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता देवेंद्र फडणवीस ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने (पवार ने) “कांग्रेस को आईना दिखाया है।” (एजेंसी)