Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द किया और मामले को दोबारा ट्रायल कोर्ट भेजा। File Photo

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नई दिल्ली: महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में भूचाल लाने वाले मामले यानी शिवसेना (Shiv Sena) के चुनाव चिह्न (election symbol) के मुद्दे पर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपना जवाब दाखिल किया है। सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई है। कोर्ट में दाखिल किए गए जवाब में चुनाव आयोग ने शिंदे खेमे को चुनाव चिह्न आवंटित करने के अपने फैसले को सही ठहराया।

चुनाव आयोग ने शिंदे खेमे को चुनाव चिह्न आवंटित करने के अपने फैसले को सही ठहराया और कहा कि यह एक सुविचारित आदेश था और इसमें उद्धव खेमे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे शामिल हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि उसने अपने अधिकारों के दायरे में रहकर यानी अर्ध-न्यायिक हैसियत से आदेश पारित किया था।

चुनाव आयोग की तरफ से कहा गया है कि एकनाथ शिंदे को चुनाव चिह्न देने का फैसला सही और कारणों सहित दिया गया है। निष्पक्षता ना बरतने के उद्धव ठाकरे के आरोप बेबुनियाद हैं। 

गौरतलब है कि इसी साल 22 फरवरी को उद्धव ठाकरे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट  ने दखल दिया था। शिंदे और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था। अदालत ने दो हफ्ते में जवाब मांगा था, हालांकि उद्धव ठाकरे को राहत ना देते हुए बैंक खाते और प्रोपर्टी टेकओवर करने पर रोक नहीं लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और कहा था कि वो चुनाव आयोग के फैसले पर रोक नहीं लगा सकता।