रिश्वत लेने वाले पुलिसकर्मी को छह महीने के कठोर कारावास की सजा

    ठाणे : थिनर (Thinner) से भरे टैंकर को छोड़ने के लिए ठाणे ग्रामीण पुलिस (Thane Rural Police) से तीन लाख रुपए (Three Lakh Rupees) की रिश्वत (Bribe) लेने वाले दलाल हिम्मत उर्फ हेमराज हीरजी नंदा को ठाणे न्यायालय (Thane Court) 6 महीने सश्रम करावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को 19 साल बाद उक्त सजा सुनाई है। शिकायतकर्ता ने 2003 में एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) के पास शिकायत दर्ज कराई थी। ठाणे ग्रामीण पुलिस की एक स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने सिलवासा से गोवा के रास्ते जा रहे एक थिनर से भरे टैंकर को रोक दिया था। तत्कालीन पुलिस दस्ते ने टैंकर को छोड़ने के लिए तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस मामले में शिकायत दर्ज होते ही ठाणे एसीबी की टीम ने एक दलाल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार (Arrested) कर लिया था। दलाल पर आरोप था कि उसने टैंकर को छुड़ाने के लिए पुलिस के लिए रिश्वत ली थी। इस मामले की सुनवाई ठाणे अदालत में हुई। अदालत ने मंगलवार को सबूतों के आधार पर दलाल हिम्मत उर्फ हेमराज हिरजी नंदा को दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को छह महीने की कड़ी मेहनत और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। 

    शिकायतकर्ता ने एसीबी पर दिखाया था अविश्वास

    शिकायतकर्ता ने ठाणे एसीबी पर अविश्वास जताया था। मुंबई के अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की मांग की थी। इसी मांग पर महानिदेशक ने तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त विलास तुपे, रमेश महाले समेत अन्य अधिकारियों को ट्रैप ऑपरेशन के लिए नियुक्त किया था। दलाल को एसीबी ने ठाणे में आरटीओ कार्यालय के पास एक होटल में पैसे लेते हुए गिरफ्तार किया था।