Dengue increased the concern of the Municipal Corporation, order to build a special room in Airoli

    नवी मुंबई. महानगरपालिका (Municipal Corporation) क्षेत्र में डेंगू (Dengue) के संदेहास्पद मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। कोरोना (Corona) के साथ-साथ डेंगू के संदेहास्पद मरीजों के मिलने की घटना ने महानगरपालिका के चिंता को बढ़ा दिया है। इस चिंता को दूर कम करने के लिए महानगरपालिका कमिश्नर (Municipal Commissioner) ने डेंगू के मरीजों के उपचार में लगने वाली दवा का पर्याप्त भंडारण करने का निर्देश महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग को दिया है, इसके साथ ही उन्होंने वाशी स्थित मनपा अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने का निर्देश भी दिया है। 

    गौरतलब है कि मौजूदा समय में ऐरोली और दिघा के क्षेत्र में डेंगू के संदेहास्पद मरीजों के मिलने की संख्या सबसे ज्यादा है।  इन दोनों क्षेत्रों के मरीज उपचार के लिए ऐरोली स्थित राजमाता जिजाऊ अस्पताल में आ रहे हैं।  मरीजों की संख्या को देखते हुए महानगरपालिका कमिश्नर अभिजीत बांगर ने इस अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए तत्काल विशेष कक्ष बनाने का आदेश अस्पताल के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को दिया है साथ ही इस कक्ष में बेड का विशेष तौर से नियोजन करने के लिए कहा है, इसके साथ ही जिन मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत महसूस हो उन्हें महानगरपालिका द्वारा मुफ्त में प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने का निर्देश भी महानगरपालिका कमिश्नर बांगर द्वारा दिया गया है। 

    रोकथाम के लिए किए जा रहे काम की समीक्षा

    गौरतलब है कि महानगरपालिका क्षेत्र में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम करने के लिए किए महानगरपालिका द्वारा विभिन्न तरह से प्रयास किए जा रहे हैं।  यह काम किस तरह से हो रहा है, इसकी जानकारी लेने के लिए महानगरपालिका बांगर ने वेब संवाद द्वारा समीक्षा बैठक की।  इस बैठक में महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त संजय काकडे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद पाटिल, डॉ. उज्वला ओतुरकर के साथ महानगरपालिका के सभी अस्पतालों और नागरी स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे। 

    निजी अस्पतालों से ली जाएगी जानकारी

    डेंगू के संदेहस्पद मरीज महानगरपालिका की अस्पतालों और नागरी स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में उपचार कराने के लिए भर्ती हो सकते हैं।  जिस तरह कोरोना के मरीजों के बारे में निजी अस्पतालों से महानगरपालिका के व्हाट्सएप ग्रुप पर जानकारी देना अनिवार्य किया गया है, उसी तरह डेंग्यू-मलेरिया के मरीजों के बारे में भी जानकारी हासिल करने का निर्देश महानगरपालिका कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को दिया है।  डेंगू का कोई भी संदेहस्पद मरीज नहीं छूटने पाए इस बात पर विशेष ध्यान देने का निर्देश भी महानगरपालिका कमिश्नर ने दिए हैं। 

    लापरवाही करने पर ठेकेदार का ठेका होगा रद्द

    डेंगू-मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के उत्पत्ती के ठिकानों को ढूंढने, उन्हें नष्ट करने के साथ-साथ मच्छरों की संख्या को बढ़ने से रोकने का काम महानगरपालिका ठेकेदारों से करवा रही है।  ठेकेदारों के द्वारा मच्छरों को नष्ट करने के लिए कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग का काम किया जा रहा है।  इस काम को कर रहे ठेकेदारों को कर्मचारी बढ़ाने का निर्देश देने का आदेश महानगरपालिका कमिश्नर ने दिया है।  डेंगू-मलेरिया की रोकथाम करने के काम में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों का ठेका रद्द करने का आदेश भी महानगरपालिका कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं।