फर्जी इमारतों का होगा पुनर्निर्माण, फ्लैट मालिकों को जल्द मिलेगा मालिकाना हक

    उल्हासनगर : राज्य के शहर विकास मंत्री (City Development Minister) और ठाणे जिले के पालकमंत्री (Foster Minister) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने उल्हासनगर (Ulhasnagar) शहर की धोखादायक इमारतों (Deceitful Buildings) के पुनर्निर्माण (Reconstruction) और फ्लैट धारकों को स्वामित्व अधिकार देने के लिए राज्य सरकार द्वारा साल 2006 के कानून में संशोधन के लिए किए गए प्रयासों को अब सफलता प्राप्त होती दिखाई दे रही है। बुधवार को इस मामले के निदान के लिए मंत्रालय में एक बैठक भी संपन्न हुई।

    इस संदर्भ में अधिक जानकारी देते हुए शिवसेना के शहर प्रमुख राजेंद्र चौधरी ने बताया कि 1994-95 के दौरान बनी अधिकांश इमारतों की हालत जर्जर और कमजोर हो चुकी है। इसमें से 4 दर्जन से भी अधिक इमारतों के प्लास्टर गिरने, पिल्लर चटकने और स्लैब गिरने आदि कारणों से 50 से भी अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें इसी साल के मानसून में 11 लोगों की अलग-अलग इमारतों के स्लैब गिरने से मौत हो चुकी है।

    जल्द ही राज्य सरकार से खुशखबरी सुन सकेंगे

    चौधरी के अनुसार उल्हासनगर महानगरपालिका क्षेत्र की यह समस्या बहुत ही गंभीर है। लोग इस समस्या के कारण उल्हासनगर छोड़ने पर मजबूर है। उन्होंने आगे कहा कि लोग शहर में अपने मकान में रहें इसलिए इसके निदान के लिए क्षेत्रीय सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में महानगरपालिका महापौर और अन्य शिवसैनिकों ने शहर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर  धोखादायक इमारतों के मामले में कोई ठोस निर्णय लेने का निवेदन किया था। शहर प्रमुख राजेंद्र चौधरी ने कहा कि लंबे समय से पालकमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री स्तर से किए गए प्रयास के सकारात्मक परिणाम जल्द ही आने वाले है। चौधरी का कहना है कि जल्द ही इस काम को अंतिम रूप दिया जाने वाला है और यहां के निवासी जल्द ही राज्य सरकार से खुशखबरी सुन सकेंगे। ऐसी जानकारी उल्हासनगर के शिवसेना शहरप्रमुख राजेंद्र चौधरी ने दी।