Fear of corona came out of people mind in Bhiwandi, people are not following the rules

    भिवंडी. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) का डर (Fear) अब भिवंडीकरों को शायद नहीं है। भिवंडीकर बगैर मुंह पर मास्क (Mask) लगाए हुए बेखौफ होकर बाजारों (Market) और सार्वजनिक स्थलों (Public Places) पर घूमते दिखाई पड़ रहे हैं। कोरोना के घटते ग्राफ (Graph) की वजह से महानगरपालिका प्रशासन (Municipal  Administration) और पुलिस विभाग (Police Department) भी कोरोना प्रोटोकॉल (Corona Protocol) के लिए बाध्य नहीं कर रहा है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहरवासियों द्वारा कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन न किए जाने की वजह से आगामी समय में कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावना से कदापि इंकार नहीं किया जा सकता है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीसरी लहर आने की संभावना बारंबार व्यक्त किए जाने के बावजूद शहरवासी शासन के निर्देशों की अवहेलना करते दिखाई पड़ रहे हैं।

    शहरवासियों को राहत मिली है

    गौरतलब है कि भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में वैश्विक महामारी कोरोना का ग्राफ करीब शून्य तक पहुंच गया है। महानगरपालिका प्रशासन की कार्यकुशलता की वजह से कोरोना महामारी पर अंकुश लगता दिखाई पड़ रहा है। महानगरपालिका प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण प्रसार से निपटनें के लिए सभी अत्यावश्यक कदम उठाए गए हैं जिससे शहरवासियों को राहत मिली है। भिवंडी में 1-2 दिन छोड़कर 2-4 कोरोना संक्रमित मरीज  ही मिल रहे हैं। भिवंडी में कोरोना मरीजों की मृत्यु दर शून्य है। महानगरपालिका प्रशासन द्वारा कोरोना टेस्टिंग आईजीएम अस्पताल में की जा रही है। महानगरपालिका प्रशासन द्वारा तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए करीब आधा दर्जन कोरोना उपचार केंद्रों को 24 घंटे सुसज्जित रखा गया है। ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए खुदा बख्श हाल और भादवाड़ स्थित सांस्कृतिक हाल सहित वराल देवी मंगल कार्यालय स्थित कोरोना उपचार सेंटर में ऑक्सीजन प्लांट निर्माण का कार्य शुरू है।

    कोरोना ग्राफ कम होने से बेखौफ हुए शहरवासी

    भिवंडी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना मरीजों का ग्राफ बेहद तेजी से घटा है। कोरोना संक्रमण प्रसार कम होने की वजह से नागरिक भी बीमारी से भयमुक्त हो गए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के तमाम नागरिक मुंह पर बगैर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का उल्लंघन करते दिखाई पड़ रहे हैं। आलम यह है कि अब कोई भी नागरिक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करता दिखाई नहीं पड़ रहा है। शहर के अधिसंख्य नागरिक बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर बगैर मुंह पर मास्क लगाए घूमते दिखाई पड़ रहे हैं।

    कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से इंकार नहीं

    महानगरपालिका प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कारभारी खरात का कहना है कि कोरोना बीमारी का खात्मा अभी नहीं हुआ। प्रथम एवं द्वितीय चरण में कोरोना बीमारी से लाखों लोगों की जान गई है। कोरोना प्रोटोकाल का पालन सभी शहरवासियों को अवश्य प्रतिदिन करना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुंह पर मास्क, 2 गज दूरी एवं हाथ सफाई के नियम का पालन करना बेहद जरूरी है। महानगरपालिका प्रशासन कोरोना उपचार के लिए 24 घंटे सुसज्जित है। बुखार, खांसी और सांस फूलने पर फौरन जांच करानी चाहिए।

    वैक्सीन टीकाकरण स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी

    डॉक्टर कारभारी खरात का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन टीकाकारण बेहद जरूरी है। नागरिकों को शासन द्वारा निर्देशित एप पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर टीकाकरण कराना चाहिए। शासन द्वारा निर्देशित कोरोना प्रोटोकॉल का पालन जरूर करना चाहिए। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने से आगामी दिनों में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को कदापि इंकार नहीं किया जा सकता है।