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प्रतीकात्मक तस्वीर

    ठाणे. महाराष्ट्र (Maharashtra)  के ठाणे (Thane) में रेलवे की एक अदालत ने साल 2013 में ट्रेन में महिला से छेड़खानी के दोषी 56 वर्षीय व्यक्ति को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि यदि ऐसे मामलों से गंभीरता से नहीं निपटा गया तो इससे ट्रेनों में अकेले सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा और जीवन दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।

    कल्याण स्थित रेलवे अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) स्वयं एस चोपड़ा ने शनिवार को पारित अपने आदेश में दोषी को पीड़िता को 10,000 रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। ऐसा नहीं करने पर उसे एक महीने के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। सहायक लोक अभियोजक जयश्री कोर्डे ने अदालत को बताया कि महिला तीन सितंबर, 2013 को नासिक में भुसावल-मुंबई यात्री ट्रेन के सामान्य कोच में सवार हुई और अकेले यात्रा करते हुए कुछ समय बाद एक सीट पर सो गई।

    बाद में जब ट्रेन खड़ीवली स्टेशन पर रुकी तो महिला को लगा कि कोई उसे छू रहा है और जब वह उठी तो उसने देखा कि आरोपी उसके पास खड़ा है और उसे घूर रहा है। महिला ने शोर मचाया तो आरोपी ट्रेन से कूद गया, लेकिन कुछ लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अपने आदेश में, मजिस्ट्रेट ने कहा कि आरोपी की हरकत ”बर्बर” थी।

    अदालत ने कहा कि आरोपी ने अभद्रता की सारी हदें पार कर दी थीं और वह किसी सहानुभूति का पात्र नहीं है। अदालत ने कहा, ”अगर इस तरह की घटनाओं से गंभीरता से नहीं निपटा जाता है, तो यह सार्वजनिक ट्रेनों में अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा और जीवन को खतरे में डाल देगा।” उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ सभी आरोपों को संदेह से परे साबित कर दिया है।