Kalyan Mahila Congress

    कल्याण: खाद्यान्न के साथ-साथ गैस सिलिंडर (LPG) के दाम (Price) बढ़ने से महिलाओं को फिर से आग जलाने चूल्हे में आग जलाने के लिए मजबूर होना पड़ा है और उज्जवला योजना महंगाई (Inflation) के कारण पिछड़ गई है। कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष कंचन कुलकर्णी ने 40 फीसदी महिलाओं को फिर से आग जलाने के लिए मजबूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की आलोचना की है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के आदेश पर जिलाध्यक्ष कंचन कुलकर्णी के नेतृत्व में कल्याण-डोंबिवली महिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ कल्याण के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर धरना  दिया औऱ विरोध प्रदर्शन करते हुए बढ़ती महंगाई के विरोध में मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ।

    पत्रकारों से बात करते हुए महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कंचन कुलकर्णी ने कहा कि जब से मोदी सरकार गरीब लोगों को झूठा प्रलोभन देकर सत्ता में आई है, तभी से पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल और घरेलू गैस की कीमतें दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ रही हैं।  इससे आम जनता की कमर टूट गई है।  अगर ये कीमतें इसी तरह  बढ़ती रहीं तो गरीबों का जीना मुश्किल हो जाएगा।  केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल और घरेलू गैस की कीमतों में तत्काल कमी किए जाने के लिए पुर जोर मांग करते हुए कांग्रेस द्वारा पूरे महाराष्ट्र में जनजागरण अभियान शुरू किया गया है।

    पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेलों के दाम में हो रहा लगातार इजाफा

    देश में पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल, खाद्यान्न और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर आंदोलन महिला कांग्रेस द्वारा किया जा रहा है।  रविवार को कल्याण में कांग्रेस द्वारा जन जागरण पद यात्रा भी की गई थी। इस मार्च का लोगों भरपूर साथ  दिया  और मोदी सरकार के खिलाफ गुस्सा देखा गया।   कल्याण-डोंबिवली कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष सचिन पोटे ने कहा कि जब तक आम लोगों की आवाज मोदी सरकार तक नहीं पहुंच जाती, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।  इस अवसर पर महाराष्ट्र प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव और कल्याण जिला प्रभारी नीता त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष सचिन पोटे, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष देसले, प्रखंड अध्यक्ष एकनाथ म्हात्रे, विमल ठक्कर, शकील खान, अजय पोलकर, शबाना शेख, वैशाली वाघ, वर्षा गुजर, शीला भोसले, सुरेखा ठाकुर, दीप्ति दोशी आदि  कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में भाग लिया।