Minister of State Chhagan Bhujbal stuck in jam for hours

    ठाणे. ठाणेकर पिछले कई दिनों से औसतन ठाणे-नाशिक (Thane- Nashik) और घोडबंदर से नाशिक हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) से करीब तीन घंटे तक वाहन चालकों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच सड़क पर वाहनों की 8 से 15 किमी लंबी कतारें लग गई। सड़क पर बारिश और कीचड़ ने यात्रियों को कार में ही बैठ रहने पर  मजबूर कर दिया है। इस स्थिति में वाहन चालकों और लोगों में प्रशासन के प्रति तीव्र आक्रोश देखा गया। वहीं राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल भी इस ट्रैफिक जाम की समस्या से नहीं बच पाए और गुरुवार (Thursday) को तीन हाथ नाका से मानकोली फाटा, कल्याण फाटा तक सफर करने में उन्हें ढाई से तीन घंटे का समय लग गया। 

    दरअसल, राज्य के कैबिनेट मंत्री और नाशिक के पालकमंत्री छगन भुजबल गुरुवार को मुंबई से नाशिक की तरफ रवाना हुए थे। लेकिन जैसे ही मुंबई से ठाणे में प्रवेश किए वैसे ही उन्हें वाहनों की लंबी कतार का सामना करना पड़ा और वे इस कतार में करीब करीब ढाई घंटे फंसे रहे। इस दौरान उनके सुरक्षा रक्षक को  ट्रैफिक जाम में फंसे वाहनों की रफ्तार को बढ़ाने के लिए काफी मशक्क्त करनी पड़ी। ठाणे से नाशिक और घोड़बंदर से नाशिक राजमार्गों पर गुरुवार को वाहनों की करीब 8 से 15 किलोमीटर लंबी कतारें लग गई थीं। इस वजह से बीते तीन घंटे तक यात्री जाम में फंसे रहे।

    वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है

    गौरतलब है कि लगातार हो रही बारिश से शहर में स्थित सड़कों पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं। कुछ सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों को वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। इसका असर हाईवे पर भी हो रहा है और जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं दो दिन पूर्व घोडबंदर रोड पर गड्ढे में बाइक का चक्का चले जाने के कारण मुंब्रा निवासी एक व्यक्ति को मौत हो गई थी।वहीं इस सड़क का निर्माण एमएमआरडीए ने किया है, जिसमें इस्तेमाल सामानों की गुणवत्ता खराब पाई गई है। ऐसी स्थिति में सड़कों पर बने गड्ढों से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।

    गड्ढों की भराई सिर्फ दिखावा  

    ठाणे शहर में सड़क और फ्लायओवर पर हुए गड्ढों के चलते परेशानी बढ़ गई है। शहर में हुए गड्ढों को कुछ दिनों पहले भरा गया था लेकिन लगातार हो रही वर्षा के चलते गड्ढों में भरा माल बह गया और फिर स्थिति ज्यों की त्यों हो गई है। ये सड़कें महानगरपालिका के अलावा एमएसआरडीसी और एमएमआरडीए के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। लगातार बारिश के चलते जून माह में ठाणे की सड़कों पर 1 हजार 222 गड्ढों के होने की बात सामने अई थी। इसके बाद गड्ढों को भरने का दावा महानगरपालिका के सार्वजनिक निर्माण विभाग ने किया था। जुलाई माह में फिर मूसलाधार वर्षा हुई उसके चलते 2 हजार 14 गड्ढों के होने की बात सर्वे में सामने आई उसको भी महानगरपालिका की तरफ से भरा गया था। लेकिन प्रत्यक्ष में सड़कों की स्थिति और ही कुछ बया कर रही है। गड्ढों के चलते वाहनों धारकों का सफर पीड़ादायक बन गया है। 

    भाजपा ने साधा निशाना 

    भाजपा के ठाणे शहर के विधायक संजय केलकर ने राज्य के महाविकास आघाडी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ठाणे जिले में दो हैवीवेट मंत्री है। लेकिन इनका आम ठाणेकरों की समस्याओं से कुछ लेना देना नहीं है। दोनों मंत्री सिर्फ उद्घाटन करने और फीता काटने में व्यस्त है। जबकि पिछले कई दिनों से ठाणेकर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे है। लेकिन इन मंत्रियों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने ट्रैफिक जाम की समस्या को तत्काल दूर करने की मांग भी की।